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एनजीटी के निर्देश पर 2500 फैक्टरियों की जांच शुरू, चार सप्ताह में देनी है रिपोर्ट
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फोटो-58: बहादुरगढ़ में रात के समय एक फैक्टरी से निकलता धुआं। स्रोत सोशल मीडिया
बहादुरगढ़। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के बाद बहादुरगढ़ के एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में संचालित करीब 2500 औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय मानदंडों के अनुपालन की जांच शुरू हो गई है। पहले दिन एचएसआईआईडीसी के सेक्टर 16-17 स्थित एक फैक्टरी में जांच की गई। दिनभर चली जांच के बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है, लेकिन जांच के दौरान क्या-क्या मिला, यह फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है।
झज्जर की उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने एनजीटी के 14 अगस्त के आदेश की अनुपालना में एसडीएम बहादुरगढ़ के नेतृत्व में सात सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया था। समिति को चार सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार करनी है। मामले की अगली सुनवाई एनजीटी में 26 अक्तूबर को होनी है। ऐसे में उपायुक्त ने समिति को सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला हरिंद्र कुमार की ओर से दायर याचिका के बाद सामने आया है। याचिका में एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र की करीब 2500 इकाइयों में से आठ इकाइयों पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। इनमें काला धुआं छोड़ने, खुले में औद्योगिक कचरा डालने और उसे जलाने, रात के समय संचालन तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने जैसे आरोप शामिल हैं।
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संयुक्त समिति में एचएसआईआईडीसी बहादुरगढ़ के वरिष्ठ प्रबंधक, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बहादुरगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के प्रतिनिधि, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय चंडीगढ़ के प्रतिनिधि, एचएसपीसीबी के सदस्य सचिव के प्रतिनिधि और झज्जर के जिला वन अधिकारी शामिल हैं।
समिति औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय मानदंडों के साथ पर्यावरणीय मंजूरी, स्थापना की सहमति और संचालन की सहमति की शर्तों की भी जांच कर रही है।
उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने कहा कि एसडीएम के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो जांच करेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी स्मिता कनोडिया ने बताया कि जांच शुरू हो गई है। रिपोर्ट के बारे में एसडीएम ही जानकारी दे सकते हैं।
फोटो-58:
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झज्जर की उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने एनजीटी के 14 अगस्त के आदेश की अनुपालना में एसडीएम बहादुरगढ़ के नेतृत्व में सात सदस्यीय संयुक्त समिति का गठन किया था। समिति को चार सप्ताह में जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार करनी है। मामले की अगली सुनवाई एनजीटी में 26 अक्तूबर को होनी है। ऐसे में उपायुक्त ने समिति को सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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यह मामला हरिंद्र कुमार की ओर से दायर याचिका के बाद सामने आया है। याचिका में एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र की करीब 2500 इकाइयों में से आठ इकाइयों पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। इनमें काला धुआं छोड़ने, खुले में औद्योगिक कचरा डालने और उसे जलाने, रात के समय संचालन तथा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों का पालन नहीं करने जैसे आरोप शामिल हैं।
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संयुक्त समिति में एचएसआईआईडीसी बहादुरगढ़ के वरिष्ठ प्रबंधक, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बहादुरगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव के प्रतिनिधि, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय चंडीगढ़ के प्रतिनिधि, एचएसपीसीबी के सदस्य सचिव के प्रतिनिधि और झज्जर के जिला वन अधिकारी शामिल हैं।
समिति औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय मानदंडों के साथ पर्यावरणीय मंजूरी, स्थापना की सहमति और संचालन की सहमति की शर्तों की भी जांच कर रही है।
उपायुक्त वर्षा खांगवाल ने कहा कि एसडीएम के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया है, जो जांच करेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी स्मिता कनोडिया ने बताया कि जांच शुरू हो गई है। रिपोर्ट के बारे में एसडीएम ही जानकारी दे सकते हैं।
फोटो-58: