आदेशों की अवहेलना पर आईएएस पीसी धीमान हाईकोर्ट में तलब
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हाईकोर्ट ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने के मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव पीसी धीमान को आदेश दिए हैं कि अगर प्रार्थी गुरुदेव के पक्ष में दिए आदेश पर अमल नहीं हुआ तो 16 मई को वह व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर रहें।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने प्रार्थी द्वारा दायर की गई दूसरी अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए।
उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने 17 अप्रैल 2015 को पारित आदेशों के तहत 1997 में नियुक्त अंशकालीन जलवाहकों की सेवाओं को वर्ष 2007 से दिहाड़ी पर और वर्ष 2014 से नियमित करने के आदेश दिए थे।
लेकिन शिक्षा विभाग ने अप्रैल 2015 को पारित आदेशों को एक बार अवमानना याचिका के बावजूद लागू नहीं किया। शिक्षा विभाग का न्यायालय के आदेशों की अनुपालना करने में ढुलमुल रवैया रहा है।
अधिकांश प्रार्थियों को बार-बार अवमानना याचिकाएं दायर करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। वर्तमान अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पर सैकड़ों मामले अवमानना से जुड़े दायर हो चुके हैं।
कोर्ट के आदेशों के बावजूद विभाग की लेटलतीफी के कारण प्रार्थियों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा। मामले पर सुनवाई 16 मई को होगी।
ट्रिब्यूनल ने एचआरटीसी से की जवाबतलबी
हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल ने पथ परिवहन निगम में कौशल विकास भत्ते के तहत कंडक्टरों को नियुक्त करने के मामले में परिवहन निगम से जवाब तलब किया है। ट्रिब्यूनल अध्यक्ष न्यायाधीश वीके शर्मा और सदस्य प्रेम कुमार की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अगर प्रार्थी की तरह प्रशिक्षण प्राप्त उम्मीदवार को नौकरी पर रखा गया है तो प्रार्थी को भी कंडक्टर की भर्ती के लिए कंसीडर करे।
याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार भूपेंद्र सिंह ने वर्ष 2015 में कौशल विकास भत्ता योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया था। उसने बतौर कंडक्टर निगम के साथ काम भी किया। जनवरी 2016 में प्रार्थी को यह कह कर निकल दिया कि उसकी ट्रेनिंग पूरी हो गई है। उसकी सेवाओं की जरूरत नहीं है। प्रार्थी को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र देकर निगम ने घर भेज दिया।
प्रार्थी ने याचिका में कहा कि उसने निगम मे 90 दिनों तक सेवाएं दी हैं और उसे भेदभावपूर्ण तरीके से हटाया गया। प्रार्थी का यह भी आरोप है कि एक परिवहन डिपो में 30 लोगों की भर्ती का नियम है, जबकि इन डिपुओं में 50 से 150 तक लोगों को रखा जा रहा है। प्रशिक्षण की आड़ में निगम बेरोजगार लोगों से कंडक्टरों का काम ले रहा है।