13 साल बाद भी पीएचसी में डॉक्टर न बेड, लोगों का इलाज भगवान भरोसे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 21 Jun 2021 11:29 PM IST
छतारी क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर बिलौनी स्थित सीएचसी।
छतारी क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर बिलौनी स्थित सीएचसी। - फोटो : KHURJA
विज्ञापन
ख़बर सुनें
13 साल बाद भी पीएचसी में डॉक्टर न बेड, लोगों का इलाज भगवान भरोसे
विज्ञापन

छतारी। स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने का दावा भले ही सरकार करती रहे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही है। छतारी क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर बिलौनी में 13 साल बाद भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र चालू नहीं हो पाया। स्वास्थ्य केंद्र में न तो बेड की व्यवस्था है और न ही स्वास्थ्य जांच के लिए कोई अन्य सुविधाएं। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान से सिर्फ एक फर्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल चल रहा है। आलम यह है कि देखरेख के बिना अस्पताल के गेट और जंगले तक उखड़ गए हैं। यही नहीं चारो तरफ गंदगी और छुट्टा पशुओं का अड्डा बन गया है। ऐसे में आसपास के करीब एक दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों को उपचार के लिए दस किलोमीटर की लंबी दूरी तय कर दानपुर ब्लॉक स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर जाना पड़ता है।
2008 में बना था अस्पताल
ग्रामीणों के इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाखों रुपये खर्च कर वर्ष 2008 में बनकर तैयार हुआ था। बनने के बाद से आज तक अस्पताल चालू नहीं हो पाया। अब तक अस्पताल के गेट पर ताला लटका रहता था। लेकिन जब से कोरोना की दूसरी लहर शुरू हुई तबसे वहां एक फर्मासिस्ट बैठने लगा। जो सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक बैठता है। लेकिन चार बेड के इस अस्पताल में एक भी बेड नहीं है। इमरजेंसी में पहुंचने वाले लोगों के लिए अस्पताल में प्राथमिक उपचार तक की कोई कोई सुविधा नहीं है। यहां पहुंचने वाले मामूली जुकाम-बुखार वाले मरीजों को फर्मासिस्ट ही दवा दे देता है।

पचास हजार आबादी वाले 12 गांव हैं अस्पताल के आसपास
सुल्तानपुर बिलौनी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से प्रकाशपुर, नगला छत्तू, रहीमपुर, असदपुर, डिडोरा, गोविंदपुर, रहीमपुर, शेरपुर, सैदमा समेत करीब 12 गांव आसपास हैं। जिनकी आबादी 50 हजार से ज्यादा है। सुल्तानपुर बिलौनी गांव की ही आबादी करीब 10 हजार है। बावजूद इसके पीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। आलम यह है किसी भी बीमारी के उपचार के लिए लोगों आठ से दस किलोमीटर तक की दूरी तय कर दानपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जाना पड़ता है।
पीएचसी की हालत जर्जर, बना छुट्टा पशुओं का अड्डा
पीएचसी की हालत जर्जर है। भवन के जंगले उखड़ गए हैं। मुख्य गेट भी नहीं लगा है। अस्पताल के चारो तरफ घासफूस और गंदगी फैली हुई है। अस्पताल के परिसर में छुट्टा पशु घुस आते हैं और वहीं बैठ जाते हैं।
नहीं है कोई सुविधा
- अस्पताल में कम से कम दो चिकित्सक की तैनाती होनी चाहिए लेकिन एक भी
नहीं
- मरीजों को बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था नहीं
- अस्पताल में एक भी बेड की व्यवस्था नहीं
- प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के लिए कोई उपकरण या सुविधा नहीं
बोले ग्रामीण
बिना इलाज लौटना पड़ता है
अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। जाने पर अक्सर ही कोई नहीं मिलता है। कई बार मायूस होकर लौटना पड़ता है।
गनेषी लाल, ग्रामीण
उपचार के लिए जाना पड़ता है बाहर
पीएचसी को बने हुए कई साल बीत गए। लेकिन आज तक यहां किसी भी चिकित्सक को नहीं देखा। उपचार के लिए बाहर जाना पड़ता है
यादराम, ग्रामीण
दवाएं तक नहीं मिलती
अस्पताल सिर्फ दिखाने के लिए बनकर रह गया है। यहां उपचार के नाम पर कुछ भी नही है। दवाएं तक नहीं मिलती हैं।
सुभाष चंद्र, ग्रामीण
जन प्रतिनिधि भी नहीं दे रहे ध्यान
पीएचसी को चलाने के लिए कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उपचार के लिए लंबी दूरी तय कर जाना पड़ता है
संजय, ग्रामीण
डॉक्टर की तैनाती के लिए भेजी गई है फाइल
स्टाफ की कमी चल रही है। पीएचसी में चिकित्सक की तैनाती के लिए फाइल उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। अभी फिलहाल पीएचसी में फर्मासिस्ट की ड्यूटी चल रही है।
गौरव सक्सेना, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दानपुर

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00