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इस अफवाह के कारण स्कूल नहीं जा रहे बच्चे
Updated Sun, 05 Mar 2017 01:32 PM IST
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सरकारी स्कूल
- फोटो : demo pic
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राजस्थान की यूपी और हरियाणा से लगती सीमा पर इन दिनों मेव समाज के बच्चे स्कूल जाने से कतरा रहे हैं। कारण भी बड़ा अजीब सा है। यहां इस सीमा से लगते अलवर और भरतपुर जिले के सैकड़ो गांवों में मेव समाज के बच्चे-बच्चियों को जबरन टीका लगाकर नपुसंक बनाने की अफवाह से दहशत फैली हुई है।
मेवात क्षेत्र में आग की तरह फैली इस अफवाह ने छात्रों का भविष्य खराब होने की आशंका को बढ़ा दिया है। यहां सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने स्कूलों में जाना बंद कर दिया है। इससे शिक्षक और अभिभावक दोनों परेशान हैं। राजीकय उच्च प्राथमिक विधायल की हैड मास्टर सफिया रहमत ने बताया कि क्षेत्र के गांवों में किसी ने अफवाह फैला दी है कि सरकारी विद्यालयों में छात्रों की इंजेक्शन लगाए जा रहे है, जिससे मेव समाज के लड़के-लड़कियों में नपुसंकता बन जाएगी।
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मेवात क्षेत्र में आग की तरह फैली इस अफवाह ने छात्रों का भविष्य खराब होने की आशंका को बढ़ा दिया है। यहां सरकारी स्कूलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने स्कूलों में जाना बंद कर दिया है। इससे शिक्षक और अभिभावक दोनों परेशान हैं। राजीकय उच्च प्राथमिक विधायल की हैड मास्टर सफिया रहमत ने बताया कि क्षेत्र के गांवों में किसी ने अफवाह फैला दी है कि सरकारी विद्यालयों में छात्रों की इंजेक्शन लगाए जा रहे है, जिससे मेव समाज के लड़के-लड़कियों में नपुसंकता बन जाएगी।
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दीवार फांद कर भाग रहे हैं बच्चे
स्कूल बंक
- फोटो : demo pic
जटियाना गांव निवासी बिजेंद्र खान ने बताया की उनके गांव में इंजेक्शन लगाए जाने की अफवाह की वजह से स्कूल से बच्चे दीवार फांद कर भाग गए थे, जिनको समझाइस कर स्कुल भेजा जा रहा है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के एसएमसी के अध्यक्ष रत्ती खान ने बताया कि कल दोपहर को अचानक सभी बच्चे एक साथ भागकर घर जा रहे थे, तो ग्रामीणों ने रोक कर वापस स्कूल भेजा।
आमतौर पर यहां ऐसा देखा जा रहा है कि बच्चे सामूहिक रूप से स्कूल से भग रहे हैं और परिजन जबरन समझाइश कर बच्चों को स्कूल भेजने में लगे हुए। पिछले एक सप्ताह से मेव बाहुल्य क्षेत्र में राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या आधे से भी कम बनी हुई है। ये भी देखा जा रहा है कि अभिभावक भी उन्हें स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।
आमतौर पर यहां ऐसा देखा जा रहा है कि बच्चे सामूहिक रूप से स्कूल से भग रहे हैं और परिजन जबरन समझाइश कर बच्चों को स्कूल भेजने में लगे हुए। पिछले एक सप्ताह से मेव बाहुल्य क्षेत्र में राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या आधे से भी कम बनी हुई है। ये भी देखा जा रहा है कि अभिभावक भी उन्हें स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।
अफवाह को लेकर घनघना रहे हैं फोन
सरकारी स्कूल
अफवाह को दूर करने के लिए मेव समाज के पूर्व सदर शेर मोहम्मद सहित दर्जनों लोग गांवों का दौरा कर लोगों को समझाइश कर रहे है। इस अफवाह का सरकारी नुमाइंदों को जोरदार विरोध करना चाहिए। स्कूलों में बोर्ड पर सूचना चस्पा की जानी चाहिए की स्कूलों में ऐसा कोई टीकाकरण नहीं किया जा रहा है।
मेव समाज के पूर्व सदर शेर मोहम्मद ने बताया कि पिछले तीन दिन में उनके पास सैकड़ों लोगों के फोन आए हैं। फोन पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या मेवात में स्कूलों में जबरन मेव समाज के बच्चो को इंजेक्शन लगाए जाने के लिए लोग आ रहे हैं? अभी तक किसी भी तरह का टीका लगाने का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद लोग अफवाह पर ध्यान दे रहे हैं।
मेव समाज के पूर्व सदर शेर मोहम्मद ने बताया कि पिछले तीन दिन में उनके पास सैकड़ों लोगों के फोन आए हैं। फोन पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या मेवात में स्कूलों में जबरन मेव समाज के बच्चो को इंजेक्शन लगाए जाने के लिए लोग आ रहे हैं? अभी तक किसी भी तरह का टीका लगाने का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद लोग अफवाह पर ध्यान दे रहे हैं।