झज्जर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सिद्ध बाबा कांशीगिरि महाराज मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। बाल गोपाल को पालने में विराजमान किया गया।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने झूला झुलाया और भगवान का आशीर्वाद लिया। भगवान का पालना भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहा। पंडित पवन कौशिक ने कहा कि बाल गोपाल आस्था और श्रद्धा का प्रतीक हैं। यह धर्म की रक्षा और भक्ति-प्रेम का त्योहार है, जिसका इंतजार सभी को साल भर रहता हैं। समिति के प्रधान सुधांशु हंस ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव हैं। श्रीकृष्ण की पूजा करने से मन को शांति मिलती हैं। देर रात तक भगवान श्रीकृष्ण की बधाई एवं भजनों की प्रस्तुति दी। मंदिर में श्रद्धालुओं ने कान्हाजी की पूजा-अर्चना करने के बाद उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं ने जल व फलाहार ग्रहण कर व्रत पूर्ण किया। योगेश रंजन ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का दिन बड़ा ही पवित्र है। श्रीकृष्ण हर जीव की आत्मा है। सीमित के मनीष मेहता ने बताया कि आयोजित कार्यक्रम में योगेश रंजन ने गणेश स्तुति, सरस्वती वंदना से एक शाम बाल गोपाल के नाम कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रदीप काठपालिया, डॉ. शंकर ग्रोवर, रूपचंद अरोड़ा, आनंद कुमार, पंडित विजय भारद्वाज, प्रवीण सुखीजा, संजय मक्कड़, विनीत नरुला, मुकेश सुखीजा उपस्थित रहे।