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कट्टरपंथियों से घिरे आबेदीन ने मांगी जेड प्लस सुरक्षा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 07 Apr 2017 12:27 PM IST
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जैनुअल आबेदिन
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मुसलमानों से बीफ नहीं खाने का आह्वान और तीन तलाक के विरोध में बयान देने के कारण कट्टरपंथियों के निशाने पर आए अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के दीवान जैनुअल आबेदीन ने जेड प्लस सुरक्षा की मांग की है।
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जानकारी के अनुसार फिलहाल आबेदीन को वाई कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को भी ख्वाजा साहब के सालाना उर्स के दौरान होने वाली महफिल दरगाह में आबेदिन के विरोधी गुट ने महफिल की रस्म आबेदीन के भाई सैयद अलीमुद्दीन अलीमी की सदारत में करवाने का मानस बनाया था। लेकिन आबेदीन ने तुरंत एडीएम सिटी को पत्र लिखकर देर शाम उनके भाई सैयद अलीमुद्दीन अलीमी, उस्मान घड़ियाली, काजी मुन्नवर, गुलाम रसूल और जराव अहमद को पाबंद भी करवा दिया ताकि वह महफिलखाने में आकर किसी तरह का विवाद खड़ा ना कर पाएं।
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आबेदीन की शिकायत पर पुलिस ने दीवान के भाई सहित पांचों को नोटिस तामिल करवा दिया और चेतावनी भी दी कि अगर इसके बावजूद भी महफिल की रस्म में माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इस माहौल के बीच आबेदीन ने स्वयं को कट्टरपंथियों के निशाने पर होने की बात कहते हुए अपनी सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की है। इस मामले में जैनुअल आबेदीन ने अभी मीडिया से कोई बात नहीं की है, लेकिन आबेदीन के बेटे नसीरुद्दीन ने कहा कि जेड़ प्लस सुरक्षा की मांग अभी उनकी जानकारी में नहीं है।
इससे पूर्व दरगाह में चल रहे इस विवाद के बीच आबेदीन ने पत्रकारों से कहा था कि वे मरते दम तक दरगाह दीवान बने रहेंगे। ये अधिकार उन्हें उच्चतम न्यायालय के वर्ष 1987 में दिए आदेश के तहत मिले हैं।
उन्होंने कहा था कि एेसे में छोटे भाई को उन्हें इस पद से हटाने का कोई अधिकार ही नहीं है। इस तरह की हरकतें पवित्र दरगाह के लिए कलंक जैसी हैं।