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अस्पतालों में बंद, सोशल मीडिया पर हो रहा आयुष्मान का ‘फर्जी’ आवेदन
Wed, 17 Jul 2019 05:52 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
Published by: Abhishek Singh
Updated Wed, 17 Jul 2019 05:52 AM IST
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आयुष्मान योजना
- फोटो : सोशल मीडिया
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देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत के नाम पर लोगों को सोशल मीडिया पर गुमराह किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे मैसेज पोस्ट कर दिए जाते हैं, जिन्हें पढ़कर लोग सरकारी अस्पतालों में आवेदन करने के लिए पहुंच जाते हैं। हकीकत में इन दिनों आयुष्मान भारत योजना पर आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि आवेदन को लेकर कोई शासनादेश अभी नहीं आया है। शासनादेश के आने पर ही दोबारा से इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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सोशल मीडिया पर खासकर व्हाट्सएप पर आयुष्मान योजना में आवेदन का आखिरी मौका, फलां तारीख तक करें आवेदन जैसे पोस्ट लगातार होते रहते हैं। जबकि इस योजना में अभी नए लोगों को शामिल करने के बाबत किसी तरह के निर्देश नहीं मिले हैं। गाजियाबाद के संयुक्त अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, जिला एमएमजी अस्पताल, डासना और मुरादनगर प्राथमिक केंद्र पर आयुष्मान योजना की डेस्क काम कर रही है।
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अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर मैसेज पढ़ने के बाद लोग आवेदन के लिए अस्पतालों में पहुंच जाते हैं। ऐसे मैसेज पोस्ट करने वालों की जांच विभाग शुरू कराएगा और लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की जाएगी। इससे लोग किसी तरह के बहकावे में न आएं। जिले में आयुष्मान योजना के करीब 58 हजार लाभार्थी हैं। इनके अलावा 15 हजार योजना से छूटे हुए लाभार्थियों को और शामिल किया गया है। इन नए 15 हजार लाभार्थियों के इलाज का पूरा भुगतान प्रदेश सरकार करेगी।
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अभी आयुष्मान योजना के आवेदन पूरी तरह से बंद हैं। लोग सोशल मीडिया पर चल रहे मैसेज को पढ़कर आवेदन के लिए पहुंच जाते हैं। लोग ऐसे मैसेज और पोस्ट पर ध्यान न दें - डॉ. आरके यादव, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना