जशपुर: सजा सुनते ही कोर्ट से भागे गैंगरेप के दो आरोपी, ऑपरेशन अंकुश में पकड़े गए तीन माह बाद
जशपुर पुलिस ने बहुचर्चित गैंगरेप मामले के दो फरार दोषियों को कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया है। ऑपरेशन "अंकुश" के तहत की गई।
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जशपुर पुलिस ने बहुचर्चित गैंगरेप मामले के दो फरार दोषियों को कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार कर लिया है। ऑपरेशन "अंकुश" के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने नेल्सन खाखा को झारखंड के कुरडेग थाना अंतर्गत ग्राम सांबा से और डिक्शन खाखा को रायगढ़ से कुनकुरी आते समय धर दबोचा।दोनों आरोपी थाना दुलदुला क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के अपहरण व सामूहिक दुष्कर्म के गंभीर मामले में दोषी पाए गए थे और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। लेकिन 11 अप्रैल 2025 को कुनकुरी न्यायालय में पेशी के बाद पुलिस अभिरक्षा से भाग निकले थे। उस दिन शाम 5:45 बजे दोनों ने पुलिस को धक्का देकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए बंदीगृह से फरार हो गए थे।
पुलिस ने इस गंभीर लापरवाही पर तत्काल एक्शन लेते हुए ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को निलंबित किया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने झारखंड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में लगातार दबिश दी और टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।आखिरकार मुखबिर सूचना और साइबर सेल की मदद से पता चला कि नेल्सन खाखा झारखंड के सिमडेगा जिले के कुरडेग थाना क्षेत्र के ग्राम सांबा में छिपा है। वहीं डिक्शन खाखा रायगढ़ से एक मालवाहक वाहन में कुनकुरी की ओर बढ़ रहा था। दोनों स्थानों पर अलग-अलग टीमों ने कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार कर पुनः न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
इस गिरफ्तारी के साथ-साथ पुलिस ने फरार आरोपियों को शरण देने और मदद करने वाले तीन लोगों—कुनकुरी निवासी माइकल खाखा, जशपुर निवासी रितेश कुजूर और दुलदुला निवासी सुदीप मिंज के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।