छत्तीसगढ़ : एक लाख का इनामी नक्सली समेत तीन नक्सलियों ने किया सरेंडर, पुलिस लंबे समय से कर रही थी तलाश
कोहरामी के खिलाफ सड़क काट कर मार्ग रोकने, बैनर पोस्टर लगाने, नक्सली उईका सोमडू के खिलाफ बारूदी सुरंग लगाने तथा नक्सली करटम महेन्द्र के खिलाफ ग्रामीण की हत्या करने समेत अन्य नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है।
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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में एक इनामी नक्सली समेत तीन नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यहां बताया कि जिले में तीन नक्सली मिलिशिया कमांडर आयता कोहरामी (29 वर्ष), मिलिशिया सदस्य उईका सोमडू (23 वर्ष) और मिलिशिया सदस्य करटम महेन्द्र (22 वर्ष) ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मिलिशिया कमांडर आयता कोहरामी के सर पर एक लाख रुपए का इनाम है। उन्होंने बताया कि नक्सलियों ने ‘लोन वर्राटू’ (घर वापस आइए) अभियान से प्रभावित होकर तथा माओवादी संगठन की विचारधारा से मोहभंग होने के बाद आत्मसमर्पण करने का फैसला किया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कोहरामी के खिलाफ सड़क काट कर मार्ग अवरुद्ध करने, बैनर पोस्टर लगाने, नक्सली उईका सोमडू के खिलाफ बारूदी सुरंग लगाने तथा नक्सली करटम महेन्द्र के खिलाफ ग्रामीण की हत्या करने समेत अन्य नक्सली घटनाओं में शामिल होने का आरोप है। उन्होंने बताया कि जिले में प्रतिबंधित नक्सली संगठन में सक्रिय युवाओं को आत्मसमर्पण कर सम्मान पूर्वक जीवन यापन करने के लिए लोन वर्राटू अभियान चलाया जा रहा है।
99 इनामी समेत 375 नक्सलियों ने किया सरेंडर
इस अभियान के तहत थाना, शिविरों तथा ग्राम पंचायतों में संबंधित क्षेत्र के सक्रिय माओवादियों का नाम चस्पा कर उनसे आत्मसमर्पण करने का अनुरोध किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 99 इनामी नक्सली सहित कुल 375 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। बता दें कि राज्य में पुलिस और सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों को समर्पण करने पुनर्वास योजना के तहत उन्हें लाभ दिया जाता है। साथ ही समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जाता है।