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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही की ऐतिहासिक धरोहरों का होगा संरक्षण, विशेषज्ञ दल ने पुरातात्विक स्थलों का किया सर्वे

Sat, 29 Aug 2026 10:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 29 Aug 2026 10:45 AM IST
सार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू की है। संस्कृति मंत्री एवं प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर रायपुर से पहुंचे विशेषज्ञ दल ने धनपुर, बेनीबाई, भस्मासुर टापू और शहरखेरवा के पुरातात्विक स्थलों का सर्वे किया। विशेषज्ञों ने प्राचीन मूर्तियों, पुरावशेषों और मंदिर परिसर की स्थिति का निरीक्षण किया।

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Gorella-Pendra-Marwahi Heritage Sites to be Preserved Expert Team Conducts Archaeological Survey
धनपुर समेत पुरातात्विक स्थलों का व्यापक सर्वे - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। संस्कृति मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर रायपुर से पहुंचे चार सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने धनपुर सहित बेनीबाई, भस्मासुर टापू और शहरखेरवा के पुरातात्विक स्थलों का व्यापक सर्वे एवं सूक्ष्म निरीक्षण किया।
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विशेषज्ञ दल में पुरातत्ववेत्ता प्रभात कुमार सिंह, उत्खनन सहायक प्रवीण तिर्की, शोधकर्ता डॉ. राजीव जॉन मिंज और शोधकर्ता अमर भारद्वाज शामिल रहे। दल ने धनपुर स्थित प्राचीन मंदिर में स्थापित मूर्तियों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके अलावा धनपुर-धोबहर धरोहर केंद्र में रखी प्राचीन मूर्तियों एवं अन्य पुरावशेषों का अवलोकन कर उनके ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व का अध्ययन किया गया।
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पुरातात्विक संभावनाओं और उपलब्ध धरोहरों का विस्तृत सर्वे किया गया
विशेषज्ञों ने मंदिर परिसर की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए संरक्षण, रखरखाव और सुदृढ़ीकरण की संभावनाओं का भी अध्ययन किया। इसके बाद बेनीबाई और भस्मासुर टापू में संरक्षित प्राचीन मूर्तियों का निरीक्षण किया गया। शहरखेरवा में भी पुरातात्विक संभावनाओं और उपलब्ध धरोहरों का विस्तृत सर्वे किया गया। मैदानी सर्वेक्षण पूरा होने के बाद कलेक्टर विजय दयाराम के. ने विशेषज्ञ दल के साथ बैठक कर सर्वे रिपोर्ट और धरोहरों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पुरातात्विक मूर्तियों और स्मारकों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से जुड़े आवश्यक कार्य शीघ्र कराने के निर्देश दिए।
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कलेक्टर ने कहा कि धनपुर क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर जिले की अमूल्य पहचान है। इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे, ताकि इन धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सके।
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