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दंतेवाड़ा: 25 जवानों की हत्या में शामिल नक्सली का सरेंडर, मुख्यधारा में लौटे 13 माओवादी, इनामी नक्सली गिरफ्तार
Sun, 31 Oct 2021 09:21 AM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Sun, 31 Oct 2021 09:21 AM IST
सार
पुलिस के लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर पिछले डेढ़ साल में 454 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। नक्सलियों के सरेंडर से इलाका अब धीरे-धीरे शांत हो रहा है।
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नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने के लिए पुलिस की ओर से लोन वर्राटू यानी घर वापस आइए अभियान चलाया जा रहा है। दंतेवाड़ा में इस अभियान से प्रभावित होकर 14 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें से एक नक्सली 25 जवानों की हत्या में भी शामिल रहा है। सर्चिंग पर निकले जिला रिजर्व बल के जवानों ने 1 इनामी नक्सली को भी गिरफ्तार किया है। ये सभी नक्सली पिछले कई सालों से माओवाद संगठन से जुड़कर काम कर रहे थे। साथ ही कई घटनाओं में भी शामिल रहे हैं।
दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर पिछले डेढ़ साल में 454 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। उन्होंने बताया कि नक्सलियों के सरेंडर से इलाका शांत होगा।
सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 1 लाख रुपये का इनामी नक्सली सन्ना मरकाम भी शामिल है। यह नक्सलियों के डूमाम लोकल ऑब्जर्वेशन स्क्वायड (LOS) का सदस्य है। सन्ना साल 2017 में सुकमा जिला के बुरकापाल में लिस नक्सली मुठभेड़ में भी शामिल था। इस घटना में 25 जवान शहीद हुए थे।
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हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्य धारा से जुड़ रहे नक्सली
सन्ना ने पुलिस को बताया कि वह नक्सलियों की विकास विरोधी विचारधारा से तंग आकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सरेंडर कर खुशहाल जिंदगी जीना चाहता था, इसलिए आत्मसमर्पण किया है। अन्य 13 नक्सलियों ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है और सन्ना के साथ आकर उन्होंने भी आत्मसमर्पण किया है।
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दंतेवाड़ा एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि लोन वर्राटू अभियान से प्रभावित होकर पिछले डेढ़ साल में 454 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं। उन्होंने बताया कि नक्सलियों के सरेंडर से इलाका शांत होगा।
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सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 1 लाख रुपये का इनामी नक्सली सन्ना मरकाम भी शामिल है। यह नक्सलियों के डूमाम लोकल ऑब्जर्वेशन स्क्वायड (LOS) का सदस्य है। सन्ना साल 2017 में सुकमा जिला के बुरकापाल में लिस नक्सली मुठभेड़ में भी शामिल था। इस घटना में 25 जवान शहीद हुए थे।
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हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्य धारा से जुड़ रहे नक्सली
सन्ना ने पुलिस को बताया कि वह नक्सलियों की विकास विरोधी विचारधारा से तंग आकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। सरेंडर कर खुशहाल जिंदगी जीना चाहता था, इसलिए आत्मसमर्पण किया है। अन्य 13 नक्सलियों ने भी हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है और सन्ना के साथ आकर उन्होंने भी आत्मसमर्पण किया है।