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NH-343: रामानुजगंज में नेशनल हाइवे-343 के रूट को लेकर विवाद, शहर बचाओ संघर्ष समिति ने किया विरोध; की ये मांग
Sat, 05 Jul 2025 04:24 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
Published by: श्याम जी.
Updated Sat, 05 Jul 2025 04:24 PM IST
सार
शहर बचाओ संघर्ष समिति ने NH-343 को रामानुजगंज के बीचों-बीच से ले जाने का विरोध किया। समिति ने पुरानडीह मार्ग की मांग की। इससे सैकड़ों घर टूटने से बचेंगे और मुआवजे का बोझ कम होगा।
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मार्ग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के रामानुजगंज शहर के बीचों-बीच से गुजरने की योजना पर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है। शहर बचाओ संघर्ष समिति ने इस प्रस्तावित रूट का विरोध करते हुए सड़क को पुरानडीह होकर ले जाने की मांग की है। समिति का कहना है कि इससे सैकड़ों घरों के टूटने से बचा जा सकता है और शासन पर मुआवजे का बोझ भी कम होगा।
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प्रस्तावित रूट के अनुसार, नेशनल हाइवे-343 अग्रसेन चौक, पहाड़ी मंदिर चौक, भारत माता चौक, लरंगसाय चौक और एसडीएम कार्यालय मार्ग से होकर गुजरेगा। इससे सैकड़ों घर प्रभावित होंगे, जिसके कारण नगरवासियों में बेचैनी है। समिति का तर्क है कि पुरानडीह मार्ग से सड़क ले जाने पर न केवल घरों को बचाया जा सकता है, बल्कि मुआवजे की लागत भी कम होगी।
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लंबे समय से विरोध
पिछले चार वर्षों से शहर बचाओ संघर्ष समिति इस रूट का विरोध कर रही है। समिति ने कांग्रेस और वर्तमान भाजपा सरकार के दौरान कई बार उच्च अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, तत्कालीन मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह से मुलाकात कर अपनी मांग रखी है। रायपुर, अंबिकापुर और दिल्ली तक अपनी बात पहुंचाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
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समिति की मांग
समिति के सदस्य प्रदीप केसरी उर्फ लट्टू केसरी ने कहा, 'शहर के बीचों-बीच से नेशनल हाइवे-343 ले जाने पर सैकड़ों घर उजड़ेंगे और शासन पर मुआवजे का भारी बोझ पड़ेगा। पुरानडीह मार्ग इसका बेहतर विकल्प है। हमने कई बार अपनी बात अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई है। हमें उम्मीद है कि हमारी मांग पर गंभीरता से विचार होगा।'
राष्ट्रीय राजमार्ग के सर्वे के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है। नगरवासी अपने स्तर पर इस रूट को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। समिति ने मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस मामले में तत्काल कार्रवाई करे और रूट में बदलाव पर विचार करे।