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छत्तीसगढ़: निजी स्कूलों की मान्यता के नियम बदले, अब ऑनलाइन सेल्फ सर्टिफिकेशन से मिलेगी मंजूरी; कई शर्तें सख्त

Fri, 11 Sep 2026 07:13 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Fri, 11 Sep 2026 07:13 PM IST
सार

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने निजी स्कूलों के संचालन और मान्यता लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होने वाली नई गाइडलाइन में एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट और न्यूनतम कॉर्पस फंड की बाध्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। 

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Rules for accreditation of private schools have changed, approval will now be granted through online self-cert
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने निजी स्कूलों के संचालन और मान्यता लेने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होने वाली नई गाइडलाइन में एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट और न्यूनतम कॉर्पस फंड की बाध्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब निजी स्कूलों को ऑनलाइन सेल्फ सर्टिफिकेशन के आधार पर ही मान्यता प्रदान की जाएगी।
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नई व्यवस्था के तहत सेल्फ सर्टिफिकेशन में भवन, लैब, लाइब्रेरी, खेल मैदान, योग्य शिक्षकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी देनी होगी। यदि दी गई जानकारी गलत पाई जाती है तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई होगी, जिसमें मान्यता निलंबित या रद्द करने के साथ आर्थिक दंड का प्रावधान है।
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नई प्रक्रिया में पहले हाईस्कूल और उसके बाद ही हायर सेकंडरी की मान्यता दी जाएगी। एक कक्षा में अधिकतम 45 विद्यार्थी ही बैठ सकेंगे और प्रत्येक छात्र के लिए छह वर्गफीट स्थान अनिवार्य होगा। इसके अलावा हाईस्कूल के लिए कम से कम सात कक्ष, पेयजल, सीसीटीवी, अलग शौचालय और अग्नि सुरक्षा मानक तय किए गए हैं।
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स्कूल संचालकों को पर्याप्त आर्थिक संसाधन का प्रमाण देना होगा और प्रत्येक शैक्षणिक सत्र समाप्त होने के तीन महीने के भीतर ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी। हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के लिए अलग जमीन, भवन, प्राचार्य और शिक्षण स्टाफ रखना अनिवार्य किया गया है।


नेशनल, इंटरनेशनल, केंद्रीय, पीएमश्री जैसे शब्दों का उपयोग नहीं कर सकेंगे
इसके अलावा, निजी स्कूल अपने नाम में नेशनल, इंटरनेशनल, केंद्रीय, पीएमश्री और स्वामी आत्मानंद जैसे शब्दों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों की अगले वर्ष की मान्यता पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रभारी मान्यता खंड सूर्य प्रकाश कश्यप के अनुसार, बिलासपुर जिले में इस सत्र सात नए निजी स्कूलों के आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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