Chhattisgarh Election 2023: पहली बार मतदान करने वाले वोटरों का सम्मान, बूथों पर लगी लंबी कतारें
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान जारी है। बुजुर्ग, युवा, महिला-पुरुष, दिव्यांग-ट्रांसजेंडर हर वर्ग के मतदाताओं में मतदान को लेकर गजब का उत्साह दिखाई दे रहा है।
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छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए मतदान जारी है। बुजुर्ग, युवा, महिला-पुरुष, दिव्यांग-ट्रांसजेंडर हर वर्ग के मतदाताओं में मतदान को लेकर गजब का उत्साह दिखाई दे रहा है। रायपुर जिले के अधिकांश मतदान केन्द्रों में सुबह सात बजे से ही मतदाताओं की लम्बी कतारें देखी गईं। जिले में सुबह 11 बजे तक 19 प्रतिशत से अधिक मतदान हो चुका है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों के मतदान केंद्रों में मतदाता सुबह से कतारबद्ध होकर मतदान के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिये। चुनाव आयोग एवं जिला प्रशासन ने इस बार स्वीप कार्यक्रम सहित अन्य माध्यम से किये गये प्रचार प्रसार एवं मतदाताओं को वोट डालने दी गई सुविधाओं की वजह से मतदान करने के लिए लोगों का उत्साह बना रहा।
निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने नियुक्त प्रेक्षक मतदान की प्रक्रिया का जायजा लेते रहे। वहीं कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे, पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल सहित सभी जोनल अधिकारी भी मतदान केंद्रों का लगातार भ्रमण कर रहे हैं।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सर्वेश्वर भुरे एवं पुलिस अधीक्षक ने शहर के मतदान केंद्रों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पीठासीन अधिकारी से मतदान की जानकारी ली। इस दौरान मतदाताओं से भी चर्चा की।
विधानसभा निर्वाचन 2023 के दौरान निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी मतदान केन्द्रों में दिव्यांग, वृद्ध, गर्भवती, शिशुवती महिलाओं के लिये व्हीलचेयर, स्टीक, रैम्प की व्यवस्था की गई थी। मतदान के लिए दिव्यांग एवं अधिक उम्र के वृद्ध मतदाताओं को कतार में खड़े होने से छूट मिलने से बहुत लोगों को वोट डालने में सहूलियत हुई। ऐसे ही बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र में शामिल रायपुर जिले के केंवतरा गांव की निवासी 90 वर्ष की जानकी बाई ने अपना कीमती वोट मतदान केंद्र क्रमांक 267 में आकर दिया। लोकतंत्र की मजबूती के लिए वोट देकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करने वाली जानकी बाई ने बताया कि वह चुनाव के समय अपना वोट अवश्य डालती हैं। उन्हें खुशी है कि लोकतंत्र के निर्माण में वह भी अपना मनपसंद का जनप्रतिनिधि चुनती हैं। 90 वर्षीय बुजुर्ग जानकी बाई अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणा श्रोत है।
इस बार विधानसभा निर्वाचन में पहली बार वोट डालने वाले युवा मतदाताओं की भी बड़ी संख्या है। पहली बार वोट डालकर मतदान केन्द्रों से बाहर निकल रहें युवाओं के चेहरों पर खुशहाल लोकतंत्र की मुस्कान अलग ही दिखाई पड़ रही है। हेमलता नायडू, गोविंदा जैसे कई पहली बार वोट डालकर मतदान केन्द्र से बाहर निकलें मतदाताओं ने उत्साह देखते ही बनता है। हेमलता नायडू ने मतदान केन्द्र से बाहर आकर बताया कि अब एक जिम्मेदार नागरिक होने का एहसास हो रहा है। लग रहा है कि हम भी देश की दिशा-दशा निर्धारित करने में भागीदार बन रहे है।
रायपुर जिले में ही नहीं पूरे देश में यूट्यूबर्स के गांव के रूप में प्रसिद्ध तुलसी में भी युवाओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। यहां सजधज कर युवा मतदान केन्द्रों में वोट डालने पहुंच रहे हैं। तुलसी गांव में मतदान केन्द्रों में पहली बार वोट डालने वाले युवाओं का तिलक लगाकर स्वागत-सम्मान किया जा रहा है। मतदान के बाद युवा सेल्फी जोन में अलग-अलग भाव-भंगिमाओं में फोटो, वीडियो और रील बनाकर अपने सोशल मीडिया एकाउंट में पोस्ट कर रहे हैं। युवाओं की पोस्ट देखकर दूसरे मतदाता भी मतदान के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
जिले में आज मतदान प्रक्रिया में दिव्यांग मतदाताओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। दिव्यांगों ने व्हील चेयर, ट्रायसायकल आदि के सहारे मतदान केन्द्र पहुंचकर अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट डाला। इस दौरान दिव्यांगों को मतदान मित्रों की भी सहायता मिली। वोट डालने के लिए दिव्यांग मतदाताओं को लंबी लाइन में लगने से छूट मिली है। कई जगहों पर ट्राइसाइकिलों से दिव्यांगों को मतदान केन्द्रों में मतदान कम्पार्टमेंट तक पहुंचाया गया तो कहीं मतदान मित्रों ने अपनी गोद में उठाकर दिव्यांगों से मतदान करवाया।