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पेट्रोल-डीजल को लेकर बड़ा अपडेट: छत्तीसगढ़ में नहीं है कोई संकट, सरकार बोली- सप्लाई पूरी तरह सामान्य
Sat, 25 Apr 2026 12:56 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:56 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक घबराहट से बचें।
विभाग के अनुसार पश्चिम एशिया में बने हालात को देखते हुए राज्य सरकार लगातार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि प्रदेश में ईंधन आपूर्ति निर्बाध बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडारण मौजूद है और आपूर्ति की नियमित साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। राज्य में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों और प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। मार्च में पेट्रोल की जरूरत के मुकाबले 126 प्रतिशत और डीजल की 183 प्रतिशत आपूर्ति दर्ज की गई, जबकि अप्रैल में भी मांग के अनुरूप सप्लाई जारी है।
खाद्य विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में लगभग 22 दिनों की जरूरत के बराबर पेट्रोल और 15 दिनों की खपत के लिए डीजल उपलब्ध है। विभाग ने कहा कि किसी भी तरह के संकट की स्थिति नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक के लिए जिलों में आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी भी जारी है। राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं, वहीं शिकायतों के लिए विभागीय कॉल सेंटर भी संचालित किया जा रहा है।
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हाल ही में तीनों ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा रिटेल आउटलेट से डीजल खरीदने से अस्थायी दबाव बनने की बात सामने आई, जिस पर कंपनियों को मांग के अनुरूप सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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विभाग के अनुसार पश्चिम एशिया में बने हालात को देखते हुए राज्य सरकार लगातार पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संपर्क में है, ताकि प्रदेश में ईंधन आपूर्ति निर्बाध बनी रहे। अधिकारियों ने बताया कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडारण मौजूद है और आपूर्ति की नियमित साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। राज्य में संचालित 2516 पेट्रोल पंपों और प्रमुख ऑयल कंपनियों के डिपो में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। मार्च में पेट्रोल की जरूरत के मुकाबले 126 प्रतिशत और डीजल की 183 प्रतिशत आपूर्ति दर्ज की गई, जबकि अप्रैल में भी मांग के अनुरूप सप्लाई जारी है।
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खाद्य विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में लगभग 22 दिनों की जरूरत के बराबर पेट्रोल और 15 दिनों की खपत के लिए डीजल उपलब्ध है। विभाग ने कहा कि किसी भी तरह के संकट की स्थिति नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक के लिए जिलों में आकस्मिक निरीक्षण और छापेमारी भी जारी है। राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय हैं, वहीं शिकायतों के लिए विभागीय कॉल सेंटर भी संचालित किया जा रहा है।
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हाल ही में तीनों ऑयल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा रिटेल आउटलेट से डीजल खरीदने से अस्थायी दबाव बनने की बात सामने आई, जिस पर कंपनियों को मांग के अनुरूप सप्लाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।