मर रहा था नक्सली, पुलिस ने एयर लिफ्ट कर पहुंचाया अस्पताल
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छत्तीसगढ़ में दुर्दात नक्सलियों से जूझ रही पुलिस और सुरक्षाबलों पर बेशक नक्सली लगातार छुप-छुप कर हमला करते हैं लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपने रवैये से मिसाल कायम की है।
पुलिस पर हमले के बाद जवाबी हमले में घायल हुए नक्सली को पुलिस ने उस समय चिकित्सकीय सहायता मुहैया कराई जब उसके साथी उसे मरता छोड़ भागे। पुलिस ने हेलीकॉप्टर की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया जहां उसका इलाज चल रहा है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार बस्तर के एसआरपी कल्लूरी ने बताया कि पुलिस से मुठभेड़ के दौरान कोंडगांव के तिमडी गांव में माओवादियों का कैंप ध्वस्त किया गया था। जिसमें दो महिला माओवादियों की मौत हो गई थी। पुलिस का दावा था कि मुठभेड़ में छह माओवादी और मारे गए हैं।
मुठभेड़ में मारी गई थी दो महिला माओवादी
मुठभेड़ बीते शनिवार को हुई थी। इसी कड़ी में सोमवार को भी पुलिस ने क्षेत्र में सर्च आपरेशन चलाया था। इस दौरान एक घायल माओवादी को पुलिस ने हिरासत में लिया था उसे दो गोलियां लगी थीं।
आईजी कल्लूरी ने बताया कि और माओवादियों की तलाश में लगातार आपरेशन चलाया जा रहा है। वहीं हिरासत में लिए गए माओवादी की पहचान हेमचंद मारवी के रूप में हुई है जिसे एमआई 17 हेलीकॉप्टर के द्वारा बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया।
जहां रामकृष्णा केयर हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है। जहां उसकी हालत अब स्थिर बनी हुई है। पुलिस के अनुसार पकड़ा बए हेमचंद ने माओवादी कमांडर रेणू दुग्गा की जगह ली थी जो पूर्व में घायल हो गया था।
राजनाथ की सहमति के बाद तेज हुआ अभियान
हेमचंद मूलरूप से राजनंदगांव का रहने वाला है वह पिछले 7-8 साल से आतंकी वारदातों में सक्रिय था। अधिकारियों ने बताया कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मीटिंग के बाद माओवादियों के खिलाफ नए सिरे से रणनीति बनाते हुए कार्रवाई शुरू की गई है।
खासकर मानसून से पहले उनके खिलाफ आक्रामक अभियान चलाने की रणनीति तय की गई है। अतः क्षेत्र में कांबिंग आपरेशन और सामरिक कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में ये अभियान चलाए जा रहे हैं।