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छत्तीसगढ़: स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा पर सख्ती, छुट्टी से पहले हर कक्षा और शौचालय की होगी अनिवार्य जांच
Fri, 17 Jul 2026 12:55 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:55 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी स्कूल में छुट्टी के बाद ताला लगाने से पहले पूरे परिसर का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय ने नए सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब किसी भी स्कूल में छुट्टी के बाद ताला लगाने से पहले पूरे परिसर का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था छात्रों के स्कूल परिसर में छूट जाने या किसी दुर्घटना की आशंका को रोकने के उद्देश्य से लागू की गई है।
जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूल के प्रधानाचार्य या संस्था प्रमुख यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यालय बंद होने से पहले सभी कक्षाओं, शौचालयों, प्रयोगशालाओं और खेल मैदान का पूरी तरह निरीक्षण किया जाए। जब तक यह पुष्टि नहीं हो जाती कि परिसर में कोई छात्र मौजूद नहीं है, तब तक किसी भी कमरे या मुख्य गेट पर ताला नहीं लगाया जाएगा।
इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन रोटेशन के आधार पर एक नोडल शिक्षक या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संबंधित कर्मचारी छुट्टी के समय पूरे परिसर का निरीक्षण करेगा और विद्यालय को सुरक्षित रूप से बंद कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह रहेगा।
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विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए छुट्टी के समय मुख्य प्रवेश द्वार पर शिक्षकों की मौजूदगी भी अनिवार्य की गई है। उनका दायित्व रहेगा कि भीड़ को नियंत्रित करें और सभी छात्र-छात्राओं का सुरक्षित निकास सुनिश्चित करें।
बारिश के मौसम को देखते हुए संचालनालय ने स्कूल परिसरों में संभावित खतरों को तत्काल दूर करने के निर्देश भी दिए हैं। खुले बोरवेल और गड्ढों को तत्काल बंद कराने, जलभराव रोकने तथा गीली दीवारों के कारण जोखिम पैदा करने वाले खुले बिजली के तारों की जांच कर उन्हें दुरुस्त कराने को कहा गया है।
दरअसल, हाल के महीनों में स्कूल परिसरों में सुरक्षा संबंधी कई घटनाएं सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है। जर्जर भवन, खुले विद्युत तार, जलभराव, खुले बोरवेल और परिसर में जहरीले जीव-जंतुओं की मौजूदगी जैसी शिकायतों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संयुक्त संचालकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा है।
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जारी निर्देशों के अनुसार, स्कूल के प्रधानाचार्य या संस्था प्रमुख यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यालय बंद होने से पहले सभी कक्षाओं, शौचालयों, प्रयोगशालाओं और खेल मैदान का पूरी तरह निरीक्षण किया जाए। जब तक यह पुष्टि नहीं हो जाती कि परिसर में कोई छात्र मौजूद नहीं है, तब तक किसी भी कमरे या मुख्य गेट पर ताला नहीं लगाया जाएगा।
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इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक विद्यालय में प्रतिदिन रोटेशन के आधार पर एक नोडल शिक्षक या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संबंधित कर्मचारी छुट्टी के समय पूरे परिसर का निरीक्षण करेगा और विद्यालय को सुरक्षित रूप से बंद कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से जवाबदेह रहेगा।
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विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही को ध्यान में रखते हुए छुट्टी के समय मुख्य प्रवेश द्वार पर शिक्षकों की मौजूदगी भी अनिवार्य की गई है। उनका दायित्व रहेगा कि भीड़ को नियंत्रित करें और सभी छात्र-छात्राओं का सुरक्षित निकास सुनिश्चित करें।
बारिश के मौसम को देखते हुए संचालनालय ने स्कूल परिसरों में संभावित खतरों को तत्काल दूर करने के निर्देश भी दिए हैं। खुले बोरवेल और गड्ढों को तत्काल बंद कराने, जलभराव रोकने तथा गीली दीवारों के कारण जोखिम पैदा करने वाले खुले बिजली के तारों की जांच कर उन्हें दुरुस्त कराने को कहा गया है।
दरअसल, हाल के महीनों में स्कूल परिसरों में सुरक्षा संबंधी कई घटनाएं सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया है। जर्जर भवन, खुले विद्युत तार, जलभराव, खुले बोरवेल और परिसर में जहरीले जीव-जंतुओं की मौजूदगी जैसी शिकायतों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और संयुक्त संचालकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा है।