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कोरबा में ट्रक मालिकों का आंदोलन टला: भाड़ा दर पर बनी सहमति, एसईसीएल ने सड़क और पार्किंग सुधारने का दिया भरोसा
Sat, 03 Oct 2026 12:13 PM IST
कोरबा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 12:13 PM IST
सार
कोरबा के पाली क्षेत्र स्थित सराईपाली खदान में कम भाड़े और आर्थिक शोषण के विरोध में दोयघाट ट्रक एंड ट्रेलर मालिक संघ का एक दिवसीय सांकेतिक धरना समाप्त हो गया। लिफ्टरों ने तय भाड़ा दरें लागू करने पर सहमति जताई है।
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सराईपाली खदान में ट्रांसपोर्टरों का धरना समाप्त
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
कोरबा के पाली क्षेत्र की सराईपाली खदान में दोयघाट ट्रक एंड ट्रेलर मालिक संघ की ओर से आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन आज समाप्त हो गया। कम भाड़े और आर्थिक शोषण के खिलाफ ट्रक और ट्रेलर मालिकों ने मोर्चा खोला था। धरने के बाद लिफ्टरों और एसईसीएल प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में सहमति बन गई है।
कम भाड़े को लेकर ट्रक मालिकों में आक्रोश
ट्रक मालिक यूनियन के सदस्यों ने बताया कि फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्टरों (लिफ्टरों) की ओर से लगातार कम भाड़ा दिया जा रहा था, जिससे उनका आर्थिक शोषण हो रहा था। डीजल, टायर, किस्त और मेंटेनेंस का खर्च कई गुना बढ़ गया है, लेकिन भाड़ा नहीं बढ़ रहा है। इसके अलावा खदान की जर्जर सड़कों और पार्किंग की अव्यवस्था को लेकर भी यूनियन में भारी आक्रोश था। दोयघाट ट्रक एंड ट्रेलर मालिक संघ के तत्वावधान में चल रहे धरने में ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रेसिडेंट बाबा ठाकुर ने कहा, 'कई वर्षों से भाड़ा कम होता जा रहा है। बाकी चीजों का भाड़ा बढ़ चुका है, महंगाई बढ़ चुकी है, लेकिन हमारा भाड़ा नहीं बढ़ रहा। अभी शांतिपूर्वक बैठे हैं, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे। टेंट खड़े रहेंगे और गाड़ियों की एंट्री बंद की जाएगी।' एक अन्य गाड़ी मालिक ने बताया, 'महंगाई इतनी बढ़ गई है और गाड़ी मालिक सिर्फ जूझ रहा है। अत्याचार और शोषण हो रहा है। फाइनेंस के दबाव में कई गाड़ी मालिक आत्महत्या तक कर रहे हैं। हम पाली में अपनी बात रखने आए हैं।'
लिफ्टरों ने तय भाड़ा दरें मानने पर दी सहमति
यूनियन ने बताया कि धरना प्रदर्शन के दौरान लिफ्टरों के साथ बैठक हुई। बैठक में लिफ्टरों ने तय भाड़ा दरों को मान लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जो तय किया गया है, वह कल से लागू हो जाएगा।
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एसईसीएल प्रबंधन ने सड़क और पार्किंग सुधारने पर जताई सहमति
इसके बाद यूनियन के पदाधिकारी एसईसीएल प्रबंधन के पास भी गए। वहां खदान की खराब सड़कों की मरम्मत और पार्किंग व्यवस्था को सुधारने को लेकर चर्चा हुई। एसईसीएल प्रबंधन ने भी सड़कों को सुधारने और पार्किंग व्यवस्था बनाने पर सहमति प्रदान की है।
ये भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ मौसम: प्रदेश से मानसून की विदाई शुरू, बढ़ेगा तापमान, अब गुलाबी ठंड का होगा एहसास
सहमति के बाद चक्काजाम फिलहाल टला
दोनों पक्षों से सहमति मिलने के बाद ट्रक मालिक संघ ने आंदोलन को स्थगित करने का ऐलान किया है। यूनियन ने कहा कि यदि तय निर्णय कल से लागू होते हैं तो चक्काजाम नहीं होगा। तीन अक्तूबर को मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन कोल परिवहन पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी गई थी, जो फिलहाल टल गई है।
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कम भाड़े को लेकर ट्रक मालिकों में आक्रोश
ट्रक मालिक यूनियन के सदस्यों ने बताया कि फैक्ट्री मालिकों और ट्रांसपोर्टरों (लिफ्टरों) की ओर से लगातार कम भाड़ा दिया जा रहा था, जिससे उनका आर्थिक शोषण हो रहा था। डीजल, टायर, किस्त और मेंटेनेंस का खर्च कई गुना बढ़ गया है, लेकिन भाड़ा नहीं बढ़ रहा है। इसके अलावा खदान की जर्जर सड़कों और पार्किंग की अव्यवस्था को लेकर भी यूनियन में भारी आक्रोश था। दोयघाट ट्रक एंड ट्रेलर मालिक संघ के तत्वावधान में चल रहे धरने में ट्रांसपोर्ट यूनियन के प्रेसिडेंट बाबा ठाकुर ने कहा, 'कई वर्षों से भाड़ा कम होता जा रहा है। बाकी चीजों का भाड़ा बढ़ चुका है, महंगाई बढ़ चुकी है, लेकिन हमारा भाड़ा नहीं बढ़ रहा। अभी शांतिपूर्वक बैठे हैं, लेकिन मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे। टेंट खड़े रहेंगे और गाड़ियों की एंट्री बंद की जाएगी।' एक अन्य गाड़ी मालिक ने बताया, 'महंगाई इतनी बढ़ गई है और गाड़ी मालिक सिर्फ जूझ रहा है। अत्याचार और शोषण हो रहा है। फाइनेंस के दबाव में कई गाड़ी मालिक आत्महत्या तक कर रहे हैं। हम पाली में अपनी बात रखने आए हैं।'
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लिफ्टरों ने तय भाड़ा दरें मानने पर दी सहमति
यूनियन ने बताया कि धरना प्रदर्शन के दौरान लिफ्टरों के साथ बैठक हुई। बैठक में लिफ्टरों ने तय भाड़ा दरों को मान लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जो तय किया गया है, वह कल से लागू हो जाएगा।
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एसईसीएल प्रबंधन ने सड़क और पार्किंग सुधारने पर जताई सहमति
इसके बाद यूनियन के पदाधिकारी एसईसीएल प्रबंधन के पास भी गए। वहां खदान की खराब सड़कों की मरम्मत और पार्किंग व्यवस्था को सुधारने को लेकर चर्चा हुई। एसईसीएल प्रबंधन ने भी सड़कों को सुधारने और पार्किंग व्यवस्था बनाने पर सहमति प्रदान की है।
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सहमति के बाद चक्काजाम फिलहाल टला
दोनों पक्षों से सहमति मिलने के बाद ट्रक मालिक संघ ने आंदोलन को स्थगित करने का ऐलान किया है। यूनियन ने कहा कि यदि तय निर्णय कल से लागू होते हैं तो चक्काजाम नहीं होगा। तीन अक्तूबर को मांग पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन कोल परिवहन पूरी तरह बंद करने की चेतावनी दी गई थी, जो फिलहाल टल गई है।