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छप्पर पर दिखा विशाल अजगर: कोरबा के बागबुडा में 15 फीट ऊंचाई से रेस्क्यू, सुरक्षित जंगल में छोड़ा
Tue, 24 Feb 2026 08:43 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 08:43 PM IST
सार
कोरबा के बागबुडा गांव में कच्चे मकान के 15 फीट ऊंचे छप्पर पर बैठे 8 फीट लंबे अजगर का सफल रेस्क्यू किया गया। टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी ने जोखिम भरे अभियान के बाद उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया।
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छप्पर पर दिखा विशाल अजगर
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विस्तार
कोरबा जिले के करतला क्षेत्र के ग्राम बागबुडा में एक कच्चे मकान के छप्पर पर विशालकाय अजगर दिखाई देने से हड़कंप मच गया। मकान मालिक ने जब छप्पर पर अजगर को बैठे देखा तो परिवार के लोग हैरान रह गए कि इतनी ऊंचाई पर वह कैसे पहुंचा। परिवार ने उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके।
इसके बाद मामले की जानकारी जिला रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी गई। उन्होंने कुछ समय में पहुंचने की बात कही और तब तक अजगर पर नजर बनाए रखने को कहा। कुछ घंटे बाद जितेंद्र सारथी अपनी टीम के सदस्य भूपेंद्र जगत के साथ मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों की मदद से करीब 15 फीट ऊंचे छप्पर पर चढ़कर खपरे हटाए गए। कच्चे मकान के ऊपर चढ़कर बड़ी सावधानी से करीब 8 फीट लंबे अजगर को नीचे उतारा गया और सुरक्षित थैले में रखा गया। इसके बाद उसे प्राकृतिक आवास वाले जंगल में छोड़ दिया गया।
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जितेंद्र सारथी ने बताया कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन काफी जोखिम भरा था और अब तक के सबसे खतरनाक अभियानों में से एक रहा। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी, लेकिन परिवार और वन्य जीव की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानी से अभियान पूरा किया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और हेल्पलाइन नंबर 8817534455 पर संपर्क करें।
मकान मालिक भूपेंद्र जगत ने बताया कि मंगलवार सुबह से अजगर घर के ऊपर इधर उधर घूम रहा था, जिससे परिवार दहशत में था। रेस्क्यू टीम के पहुंचने और अजगर को सुरक्षित पकड़ने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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इसके बाद मामले की जानकारी जिला रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी को दी गई। उन्होंने कुछ समय में पहुंचने की बात कही और तब तक अजगर पर नजर बनाए रखने को कहा। कुछ घंटे बाद जितेंद्र सारथी अपनी टीम के सदस्य भूपेंद्र जगत के साथ मौके पर पहुंचे।
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स्थानीय लोगों की मदद से करीब 15 फीट ऊंचे छप्पर पर चढ़कर खपरे हटाए गए। कच्चे मकान के ऊपर चढ़कर बड़ी सावधानी से करीब 8 फीट लंबे अजगर को नीचे उतारा गया और सुरक्षित थैले में रखा गया। इसके बाद उसे प्राकृतिक आवास वाले जंगल में छोड़ दिया गया।
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जितेंद्र सारथी ने बताया कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन काफी जोखिम भरा था और अब तक के सबसे खतरनाक अभियानों में से एक रहा। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा बन सकती थी, लेकिन परिवार और वन्य जीव की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सावधानी से अभियान पूरा किया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और हेल्पलाइन नंबर 8817534455 पर संपर्क करें।
मकान मालिक भूपेंद्र जगत ने बताया कि मंगलवार सुबह से अजगर घर के ऊपर इधर उधर घूम रहा था, जिससे परिवार दहशत में था। रेस्क्यू टीम के पहुंचने और अजगर को सुरक्षित पकड़ने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
