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कोरबा: औषधि खरीदी में अरबों का घोटाला, पूर्व गृहमंत्री की शिकायत पर जांच टीम गठित, ननकी राम ने कही ये बात

Wed, 27 Aug 2025 07:46 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 27 Aug 2025 07:46 PM IST
सार

पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने पशु पालन विभाग में दवाओं की खरीदी में हुए घोटाले की शिकायत की है। जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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Billions of rupees scam in medicine purchase investigation team formed on complaint of former home minister Na
पूर्व गृहमंत्री ननकीराम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने पशु पालन विभाग में दवाओं की खरीदी में हुए घोटाले की शिकायत की है। जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। विभाग के सचिव ने टीम बनाकर हफ्ते भर के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया कि यह घोटाला बीते कई साल से चल रहा है। ननकी राम कंवर ने बताया कि पशुपालन विभाग में दवाओं की खरीदी में अब तक अरबों का घोटाला हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि विभाग में 10 प्रतिशत की खरीदी की जा रही है और भुगतान पूरे 100 प्रतिशत का किया जा रहा है। औषधि खरीदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने के बाद विभाग हरकत में आ गया है। 

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ननकीराम कंवर ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस शासनकाल से लेकर अब तक पशु चिकित्सा विभाग में नियमों को ताक पर रखकर अरबों रुपये की दवाइयों की खरीदी की गई है। जिलों के उपसंचालकों के माध्यम से वैक्सीन,औषधि और सप्लीमेंट की खरीदी भंडार क्रय नियमों के विपरीत की जाती रही है।ननकी राम कंवर की इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 6 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है और टीम को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायत में कहा गया है डीलरों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से यह धांधली लंबे समय से चल रही है।
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ननकीराम कंवर ने मांग की है कि दवाइयों की खरीदी सीधे निर्माता कंपनियों से निविदा प्रक्रिया के आधार पर हो, ताकि गुणवत्तापूर्ण औषधि मिले और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगे। उन्होंने यह भी कहा है कि फर्जी बिलों के जरिये करोड़ों रुपये की रकम डीलरों और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाती है।  संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने मामले में जांच टीम गठित कर दी है। और टीम को सात दिन के भीतर तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन सहित अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

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