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125 मीटर ऊंची चिमनी जमींदोज: CSEB का बंद पावर प्लांट किया जा रहा डिस्मेंटल; 70 के दशक में किया गया था स्थापित
Tue, 11 Jul 2023 05:32 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 11 Jul 2023 05:32 PM IST
सार
कोरबा में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (CSEB) के बंद प्लांट में लगी चिमनी को मंगलवार को गिरा दिया गया। प्लांट में लगी 125 मीटर ऊंची चिमनी महज 10 सेकेंड में जमींदोज हो गई। भेल के सहयोग से प्लांट की स्थापना की गई थी जिसके कारण कोरबा को ऊर्जाधानी का नाम मिला था।
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सीएसईबी के बंद पावर प्लांट में गिराई गई चिमनी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (CSEB) के बंद प्लांट में लगी चिमनी को मंगलवार को गिरा दिया गया। प्लांट में लगी 125 मीटर ऊंची चिमनी महज 10 सेकेंड में जमींदोज हो गई। इस प्लांट को 70 के दशक में स्थापित किया गया था। इसके बाद प्लांट की मियाज वर्ष 2020 में समाप्त हुई तो उसे बंद कर दिया गया। प्लांट में मौजूद कलपूर्जों को एक निजी कंपनी ने खरीदा है। उस कंपनी की ओर से एक चिमनी को गिराया गया। अब वहीं लगी दूसरी चिमनी को भी गिराने की तैयारी की जा रही है।
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कोरबा-दर्री मार्ग पर कोहड़िया के पास मौजूद CSEB के बंद पावर प्लांट को डिस्मेंटल करने का काम जोरों पर है। एनजीटी के निर्देश पर 2020 में ही प्लांट को बंद कर दिया गया था। जिसके बाद सयंत्र के कबाड़ को एक निजी कंपनी को बेच दिया गया। कंपनी की ओर से प्लांट को डिस्मेंटल किया जा रहा है। इसी के तहत प्लांट की 125 मीटर उंची चिमनी को गिराया गया है। इसके लिए विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। भेल के सहयोग से प्लांट की स्थापना की गई थी जिसके कारण कोरबा को ऊर्जाधानी का नाम मिला था।
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