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विश्व रंगमंच दिवस: नाट संस्था ने बस्तर के कलाकारों को किया सम्मानित, नाटक के लिए अब निशुल्क मिलेगा भवन
Tue, 28 Mar 2023 05:31 PM IST
अभिषेक वर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: अभिषेक वर्मा
Updated Tue, 28 Mar 2023 05:31 PM IST
सार
नाट संस्था की ओर से बस्तर के हास्य कवि, नाटक व रंगमंच कर्मियों समेत क्षेत्रीय विभूतियों को सम्मानित किया। इस दौरान अध्यक्ष मनीष शर्मा ने सभी कलाकारों को भवन निशुलक में देने की घोषणा की।
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नाट संस्था ने बस्तर के कलाकारों को किया सम्मानित।
- फोटो : संवाद
विस्तार
विश्व रंगमंच दिवस पर स्थानीय नाट संस्था द्वारा बस्तर के विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट व उल्लेखनीय योगदान देने वाले क्षेत्रीय विभूतियों को सम्मानित किया गया। बस्तर चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि योगेंद्र पांडे और कार्यक्रम अध्यक्ष मनीष शर्मा की उपस्थिति में बस्तर की क्षेत्र बोलियों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभूतियों को चुनकर शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं संस्था की ओर से सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
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नाट संस्था ने बस्तर के वरिष्ठतम हल्बी हास्य कवि, नाटक व रंगकर्म का नींव माने जाने वाले अयूब खान को हास्य कवि की श्रेणी में, सुभाष पांडेय को हल्बी हास्य कविता लेखन के लिए, रूद्र नारायण पाणिग्रही को हल्बी साहित्य के लिए, जोगेंद्र महापात्र जोगी को हल्बी गीत के लिए, विक्रम सोनी को हल्बी साहित्य के लिए और लखेश्वर खुदराम को हल्बी, रंगकर्म, गीत के क्षेत्र में सम्मानित किया गया।
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सम्मान समारोह में आये विभूतियों ने बस्तर की मूल बोली हल्बी-भतरी पर अब तक कि उनकी उपलब्धियों व अनुभूतियों के बारे में अपने-अपने अनुभव साझा किए। बोली को लेकर सरकारों की उदासीनता पर भी कटाक्ष किया। हल्बी हास्य काव्य लेखक अयूब खान और सुभाष पांडे ने अपनी हास्य कविताओं से कार्यक्रम में समा बांधा।
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रूद्र नारायण पाणिग्रही ने क्षेत्र में हल्बी रंगकर्मियों, कलाकारों, लेखकों को बैठ कर विचार, विमर्श, गोष्टी एवं संगोष्टी करने के लिए कोई उचित स्थान की व्यवस्था न होने पर खेद व्यक्त किया। जिसपर कार्यक्रम अध्यक्ष एवं बस्तर चेम्बर्स ऑफ कमर्स के वर्तमान अध्यक्ष मनीष शर्मा ने कहा कि जब तक शासन द्वारा उक्त संबंध में कोई जगह सुनिचित कर भवन उपलब्ध नहीं कराया जाता तब तक बस्तर चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स भवन को क्षेत्र के समस्त कलाकारों के लिए निशुल्क उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया। जिस पर उपस्थिति विभूतियों एवं सभा ने करतल ध्वनि से घोषणा का अभिनंदन किया।
मुख्य अतिथि योगेंद्र पांडे ने कहा कि बस्तर अंचल की कला, संस्कृति, कविताओं और नाटकों सहित विविध विधाओं को पोषित करने वाले कलाकारों और विभूतियों को व्यापक तौर पर सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बस्तर की विविध विधाओं को अगर उचित मंच तक पहुंचाया जाए तो न सिर्फ देश बल्कि विश्वपटल पर भी बस्तर को एक नई पहचान मिल सकती है।
नाट संस्था के अध्यक्ष शैलेन्द्र पांडे ने बताया कि विगत दो वर्षों से नाट संस्था द्वारा बस्तर की लोक कला, साहित्य, गायन सहित बस्तर अन्य विधाओं को उचित मंच प्रदान करने का सतात प्रयास किया जा रहा है। सम्मान सभा के दौरान कार्यक्रम का संचालन हरीश साहू के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में अतुल शुक्ला, हरीश साहू, किशन बघेल, राहुल पांडे, निखिल भारद्वाज, सुमन कोसले, नम्रता, अंजली समेत रंगमंच के अनेक कलाकार शामिल रहे।