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Jagdalpur: शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर 28 लाख की ठगी, आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर

Fri, 05 May 2023 07:41 PM IST
jagdalpur Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 05 May 2023 07:41 PM IST
सार

सुमित दास जोशी और उसकी पत्नी को नौकरी दिलाने के नाम पर रायपुर निवासी प्रियंका वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा ने 28 लाख रुपए की ठगी की है।

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Cheating of 28 lakhs in the name of getting a government job
छत्तीसगढ़ पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी- फाइल फोटो

विस्तार

इन दिनों शासकीय नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं लोग मंत्रालय में अपनी पहुंच बताकर शासकीय नौकरी दिलाने की बात कहते हुए लोगों से धोखाधड़ी कर भारी घर भरकम राशि की ठगी कर रहे हैं। इसी तरह का एक मामला सामने आया है जगदलपुर के तोकापाल निवासी सुमित दास जोशी और उसकी पत्नी को नौकरी दिलाने के नाम पर रायपुर निवासी प्रियंका वर्मा और चंद्रशेखर वर्मा ने 28 लाख रुपए की ठगी की है। इसकी शिकायत प्रार्थी ने फ्रेजरपुर पुलिस थाने में 18 अप्रैल को की है। पुलिस मामला पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश में जुटी है लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

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मामले के संबंध में जानकारी देते हुए ठगी के शिकार सुमित दास जोशी ने बताया कि प्रियंका वर्मा पिता कृष्ण कुमार वर्मा बचपन से ही तोकापाल में रहकर पढ़ाई लिखाई की है जिसके चलते उससे पुराना परिचय रहा, उससे मोबाइल फोन पर बातें भी होती थी। उसने एक दिन फोन पर बताया कि उसके मौसा चंद्रशेखर वर्मा का रायपुर मंत्रालय में काफी पहुंच है अनेक लोगों से जान पहचान है उनके माध्यम से मैं तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को शिक्षा कर्मी वर्ग दो के पद पर सरकारी नौकरी में लगा सकती हूं। इसके लिए उन्होंने 15 -15 लाख कुल 30 लाख रुपये की मांग की। 

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फिर एक दिन प्रियंका वर्मा ने उनके मौसा चंद्रशेखर वर्मा नामक व्यक्ति से फोन पर बात कराई। चंद्रशेखर वर्मा ने कहा कि तुम प्रियंका वर्मा को 30 लाख रुपये दे दो। तुम्हारा और तुम्हारे पत्नी का शिक्षा कर्मी वर्ग 2 के पद पर  नौकरी लगवा दूंगा। इसके बाद उसने अपने माता-पिता रिश्तेदारों से रकम की व्यवस्था कर 15 लाख रुपए नगद 20 अक्टूबर 2019 को प्रियंका वर्मा को दिया। इसके साथ ही सुमित ने अपना और अपने पत्नी का 10वीं और 12वीं के अंकसूची की फोटो कॉपी भी प्रियंका वर्मा को दी। इस दौरान उसके माता-पिता और रिश्तेदार भी उपस्थित थे। बाकी 13 लाख रुपए की व्यवस्था तत्काल नहीं होने पर चंद्रशेखर वर्मा को उनके खाता नंबर 935030110000071 में 7 नवंबर 2019 को 4 लाख,12 नवंबर 2019 को 4 लाख,13 नवंबर 2019 को 1 लाख,15 नवंबर 2019 को 2 लाख और 4 दिसंबर 2019 को 2 लाख रुपये ,कुल 13 लाख रुपये नेफ्ट के माध्यम से चंद्रशेखर वर्मा को दिया। 

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इसके बाद फिर से चंद्रशेखर वर्मा और प्रियंका वर्मा ने 10 लाख रुपयों की मांग की। रुपये वापस मांगने पर वह लगभग ढाई साल से बहानेबाजी कर रहा है। जमीन बेंचकर पैसे देने की बात कही थी लेकिन अब तक पैसा नहीं लौटाया है। फ्रेजरपुर पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी की पतासाजी में लगी हुई है। पुलिस दल आरोपी के रायपुर ठिकाने तक पहुंची थी ,लेकिन आरोपी फरार बताया जा रहा है।

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