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रमन सिंह के गढ़ में भाजपा और कांग्रेस मांग रही हैं वाजपेयी के नाम पर वोट

Thu, 08 Nov 2018 07:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्तीसगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्तीसगढ़ Updated Thu, 08 Nov 2018 07:43 PM IST
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in the fort of raman singh bjp and congress wants to get the vote on the name of vajpai 
करुणा शुक्ला - फोटो : अमर उजाला

अक्सर यह कहा जाता है कि नाम में क्या रखा है? लेकिन नाम में ही काफी कुछ होता है। खासकर छत्तीसगढ़ के इस निर्वाचन क्षेत्र में जब भरोसा करने लायक नाम अटल बिहारी वाजपेयी का हो, जहां भाजपा के उम्मीदवार मुख्यमंत्री रमन सिंह का कांग्रेस की प्रत्याशी पूर्व प्रधानमंत्री की भतीजी करुणा शुक्ला से चुनावी मुकाबला है।

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दोनों ही दल वाजपेयी के नाम पर वोट बटोरने की यथासंभव कोशिश में लगे हैं। सत्तारूढ़ दल भाजपा के नेता कहते हैं कि भाजपा और वाजपेयी एक दूसरे के पर्याय हैं। उधर, शुक्ला का आरोप है कि मुख्यमंत्री भाजपा के इन कद्दावर नेता की विचाराधारा का पालन करने का दावा कर अपना दोहरा मापदंड दिखा रहे हैं क्योंकि राज्य सरकार पूर्व प्रधानमंत्री की सीखों से मीलों दूर है।
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चुनाव प्रचार में जुटीं शुक्ला ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘भाजपा ने अपना ‘चाल, चरित्र और चेहरा’ बदल लिया है। अब वह वैसी पार्टी नहीं है जिसकी संकल्पना अटल जी और आडवाणी जी ने की थी और राज्य के लोग यह जानते हैं।’ 
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2013 में भाजपा छोड़ने से पहले पार्टी की केंद्रीय पदाधिकारी रह चुकीं शुक्ला ने कहा, ‘इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि मैं अटल जी की भतीजी हूं। उनकी सीख और साहस मेरे खून में है। मैं उनके सिद्धांतों से निर्दिष्ट होती हूं। राजनांदगांव के लोग जानते हैं कि यदि कांग्रेस चुनाव जीत गयी तो मैं भ्रष्टाचार में डूबे इस राज्य में सुशासन का आदर्श कायम करूंगी। ’ 

2014 में कांग्रेस में शामिल हो गई थीं करुणा

तीस साल तक जुड़े रहने के बाद भाजपा से निकलकर शुक्ला फरवरी, 2014 में कांग्रेस में शामिल हो गयी थीं। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन वह हार गयीं। भाजपा नेता के तौर पर उन्होंने 2004 में जांजगीर से लोकसभा चुनाव जीता लेकिर 2009 में वह कोरबा से हार गयीं।

कांग्रेस ने अब उन्हें मुख्यमंत्री के गढ़ समझे जाने वाले क्षेत्र राजनांदगांव से चुनाव मैदान में उतारा है।

शुक्ला ने कहा, ‘रमन सिंह मुझे अपनी बहन कहते हैं। वह दावा करते हें कि वह अटल बिहारी वाजपेयी की विचारधारा पर चलते हैं। जहां तक मैं जानती हूं कि यह सरकार अटलजी की सीखों से मीलों दूर है। यह उनका (मुख्यमंत्री का) दोहरा मापदंड है।’ 

भाजपा ने सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव को स्थानीय बनाम बाहरी के मुकाबले के रूप में पेश किया है। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि शुक्ला बाहरी हैं और मतदाता यह बात जानते हैं।


एक अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि भाजपा सुशासन और विकास के नाम पर वोट मांग रही है। अटलजी समेत पार्टी के सभी नेता और उनकी विरासत निश्चित ही पार्टी के अभियान का हिस्सा है।

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