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छत्तीसगढ़: घरेलू विवाद में पिता की चप्पल से पिटाई, इलाज के दौरान हुई मौत; दोषी बेटे को आजीवन कारावास की सजा
Thu, 10 Sep 2026 04:16 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 10 Sep 2026 04:16 PM IST
सार
विवाद के दौरान बेटे यशपाल सोरी ने अपने पिता लचमु सोरी के साथ चप्पल से मारपीट की। गंभीर चोटों के बाद पिता की मौत हो गई। कोर्ट ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद बेटे को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बालोद जिले के सत्र न्यायालय ने घरेलू विवाद के दौरान पिता की हत्या करने वाले आरोपी बेटे को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पुरुर थाना क्षेत्र के वर्ष 2025 के इस मामले में अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
घटना वर्ष 2025 की है, जब आरोपी यशपाल सोरी का अपने पिता लचमु सोरी से किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पिता के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने चप्पल से पिता के साथ मारपीट की। इस मारपीट में लचमु सोरी को गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुरुर पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
साक्ष्यों के आधार पर फैसला
पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक भौतिक और अन्य साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आए तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल करते हुए पुलिस ने प्रकरण न्यायालय में पेश किया। में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिस जांच में जुटाए गए साक्ष्यों और तथ्यों को न्यायालय के सामने रखा। शासकीय अभिभाषक तोमन साहू ने बताया क० अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों का परीक्षण करने के बाद यशपाल सोरी को हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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घटना वर्ष 2025 की है, जब आरोपी यशपाल सोरी का अपने पिता लचमु सोरी से किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पिता के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने चप्पल से पिता के साथ मारपीट की। इस मारपीट में लचमु सोरी को गंभीर चोटें आईं और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुरुर पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
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साक्ष्यों के आधार पर फैसला
पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक भौतिक और अन्य साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आए तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल करते हुए पुलिस ने प्रकरण न्यायालय में पेश किया। में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुलिस जांच में जुटाए गए साक्ष्यों और तथ्यों को न्यायालय के सामने रखा। शासकीय अभिभाषक तोमन साहू ने बताया क० अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों का परीक्षण करने के बाद यशपाल सोरी को हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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