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दुर्ग: कमीशन के लालच में साइबर ठगों को बेचते थे बैंक खाते, 2 आरोपी गिरफ्तार, पासबुक, ATM और सिम का जखीरा बरामद

Mon, 07 Sep 2026 06:02 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुर्ग Published by: प्रिया वर्मा Updated Mon, 07 Sep 2026 06:02 PM IST
सार

दुर्ग पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने वाले दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर बैंक खाते, एटीएम, चेकबुक और सिम साइबर ठगों को कमीशन के बदले उपलब्ध कराने का आरोप है।

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Durg: Two Arrested for Selling Bank Accounts to Cyber Fraudsters for Commission, SIMs and ATMs Seized
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने म्यूल बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामनगर निवासी यशपाल सिंह उर्फ लक्की पाजी (38) और रायपुर के सिंधी कॉलोनी निवासी हेमंत दास दखानी (50) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं।

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पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों द्वारा लोगों से ठगी गई रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के लिए जिन बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया था, उनकी जांच की जा रही थी। बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण और तकनीकी साक्ष्यों की जांच के दौरान इन दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आई। इसके बाद से ही पुलिस इनकी तलाश में जुटी हुई थी। सुपेला थाना पुलिस और एसीसीयू की विशेष टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 6 सितंबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
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पुलिस की पूछताछ और शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आर्थिक लाभ और कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के नाम से खुले बैंक खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और उनसे लिंक सिम कार्ड साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे। इसके बदले आरोपियों को दो से 15 हजार रुपए तक का कमीशन या अन्य आर्थिक लाभ मिलता था। बाद में साइबर अपराधी इन्हीं बैंक खातों में ठगी की रकम जमा कराते थे और अलग-अलग खातों के जरिए उस रकम को आगे ट्रांसफर कर देते थे। जांच में पुलिस को ऐसे बैंक खातों के इस्तेमाल के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब इन खातों में हुए लेन-देन और उनसे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।


तिल्दा के बैंकों से जुड़े खाते मिले
जांच अधिकारी के अनुसार साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए प्रमुख बैंक खाते रायपुर जिले के तिल्दा स्थित पंजाब नेशनल बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक से जुड़े पाए गए हैं। साइबर टीम ने इन खातों से हुए वित्तीय लेन-देन का तकनीकी विश्लेषण किया।

इसी विश्लेषण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों की भूमिका तय की और उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य बैंकिंग दस्तावेजों को जांच में शामिल किया है। पुलिस अब जब्त मोबाइल और दस्तावेजों की जांच के साथ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। साथ ही साइबर ठगी की रकम के लेन-देन और आरोपियों से जुड़े अन्य बैंक खातों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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