{"_id":"6910856b9e583c873d0f9012","slug":"confluence-of-spiritual-practices-on-govardhan-puja-govind-bhagat-miraculous-performance-is-the-center-of-att-2025-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलरामपुर रामानुजगंज: गोवर्धन पूजा पर साधना का संगम, गोविंद भगत का चमत्कारी प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलरामपुर रामानुजगंज: गोवर्धन पूजा पर साधना का संगम, गोविंद भगत का चमत्कारी प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र
Sun, 09 Nov 2025 05:44 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 09 Nov 2025 05:44 PM IST
सार
बलरामपुर रामानुजगंज के ग्राम विजयनगर स्थित बाकी नदी के तट पर इस वर्ष आयोजित गोवर्धन पूजा महोत्सव में आस्था, विश्वास, साधना और चमत्कार का ऐसा अनोखा संगम देखने को मिला जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विज्ञापन
गोवर्धन पूजा पर साधना का संगम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बलरामपुर रामानुजगंज के ग्राम विजयनगर स्थित बाकी नदी के तट पर इस वर्ष आयोजित गोवर्धन पूजा महोत्सव में आस्था, विश्वास, साधना और चमत्कार का ऐसा अनोखा संगम देखने को मिला जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन के दौरान गोवर्धन पूजा करने आए बनारस के प्रसिद्ध संत गोविंद भगत ने अपने चमत्कारी साधना प्रदर्शन से लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।
विज्ञापन
गोविंद भगत ने कार्यक्रम के दौरान उबलते हुए दूध में स्नान कर यह दिखाया कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से अग्नि और ताप भी साधक को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने सर को हवन कुंड की अग्नि में डालकर भी साधना की, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस चमत्कार के बाद श्रद्धालुओं ने “गोविंद भगवान की जय” के जयघोष से पूरा वातावरण गुंजायमान कर दिया।
विज्ञापन
गोविंद भगत ने अपने प्रवचन में कहा कि गोवर्धन पूजा का संबंध द्वापर युग से है, जब भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के क्रोध से ब्रजवासियों की रक्षा हेतु गोवर्धन पर्वत को उठाया था। उन्होंने बताया कि यह पर्व प्रकृति, गोवंश और अन्नदाता के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना और हवन कर समस्त जनों के कल्याण की प्रार्थना की।
विज्ञापन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार के कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजन न केवल हमारी संस्कृति और परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि यह समाज को एकता, आस्था और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देते हैं। कार्यक्रम में यादव समाज के जिला एवं प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था — जगह-जगह फूलों की सजावट, दीपों की रौशनी और भक्तिमय संगीत से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का पर्व है, जो भक्ति, प्रकृति और मानवता को जोड़ता है।