छत्तीसगढ़ के सीएम ने की गोधन न्याय योजना की शुरुआत, घर में मनाया हरेली का त्यौहार
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य की चर्चित गोधन न्याय योजना का शुभारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर ही इस स्कीम को लॉन्च किया। आज हरेली त्यौहार के दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कृषि मंत्री रबिंद्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया और खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह ने गाय, कृषि यंत्र और औजारों की पूृजा की।
Chhattisgarh: Chief Minister Bhupesh Baghel launches ‘Godhan Nyay Yojana’ on the occasion of Hareli festival and participates in the celebrations, in Raipur. pic.twitter.com/n0H0XxUNbd
— ANI (@ANI) July 20, 2020
हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आवास पर ही हरेली का पर्व मनाया और वो बांस के डंडे पर भी चलते दिखाई दिए। इसके अलावा उन्होंने पारंपरिक तरीके से अपने मंत्रियों और घरवालों के साथ राज्य के इस लोकप्रिय पर्व को धूमधाम से मनाया।
#WATCH: Chief Minister Bhupesh Baghel does stilt walking at the launch of ‘Godhan Nyay Yojana’ on the occasion of Hareli festival, in state capital Raipur. pic.twitter.com/xJn0FTXyaS
— ANI (@ANI) July 20, 2020
मुख्यमंत्री ने एकदम देसी अंदाज में हरेली का पर्व मनाया, उन्होंने गेड़ी (बांस के डंडे पर चलना) चलाई, लट्टू घुमाया और मेले पर लगने वाले झूले पर सभी मंत्री और परिवारजनों के साथ दिखाई दिए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इस योजना के जरिए गौठान बनाए जाएंगे। दो रुपये प्रति किलो की दर से गोबर खरीदा जाएगा और गोबर से बनने वाली वस्तुएं तैयार की जाएंगी।
इससे वर्मी खाद तैयार की जाएगी, जिससे गांव वालों की आमदनी बढ़ेगी। अगर किसी किसान के खेती नहीं है लेकिन चार मवेशी हैं तो वह गोबर बेचकर हर महीने दो हजार की कमाई कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने परिवारजनों के साथ मनाया हरेली का त्यौहार
यह त्यौहार राज्य में एक तरह से नए साल के तौर पर मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ के गांव के किसान और मजदूर इस पर्व को बड़ी खुशी से मनाते हैं। इस दिन किसान अपने मवेशियों और कृषि के यंत्रों की पूजा करते हैं। इसके अलाव मवेशियों को जड़ी-बूटी खिलाई जाती है ताकि वे बीमार ना पड़े।