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छत्तीसगढ़: हाथियों ने महिला को कुचलकर मार डाला, पति से विवाद के बाद जंगल में गई तो मौत के मुंह में समाई
Tue, 30 Nov 2021 03:40 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, धमतरी
पीटीआई, धमतरी
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 30 Nov 2021 03:40 PM IST
सार
वन विभाग के अनुसार हाथियों के टोले क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से घूम रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे वन क्षेत्र में जाते वक्त सतर्क रहें।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जंगली हाथियों ने 61 वर्षीय महिला को पैरों तले रौंदकर मार डाला। राज्य में पहले भी कई बार हाथियों ने ग्रामीणों की जान ली है।
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एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना सोमवार रात को भलुचुआ गांव में हुई। यह सिंगपुर वन क्षेत्र में आता है। धमतरी वन मंडल की अनुविभागीय वन अधिकारी (SFO) सतोविशा समजदर ने बताया कि मृतका कमलाबाई कमार अपने पति के साथ हुए झगड़े के बाद घर से निकल गई थी, जब वह लौट रही थी तो उस पर तीन जंगली हाथी टूट पड़े। हाथियों ने उसे कुचलकर मार डाला।
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घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग व पुलिस की एक टीम मंगलवार अल सुबह मौके पर पहुंची और महिला के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। गांव वालों ने वनकर्मियों से मांग की कि वह मुआवजा राशि मृतका की बेटी को दे, क्योंकि मृत महिला का पति शराबी है। इस पर मृत महिला की आश्रित बेटी को 25 हजार रुपये मुआवजा राशि तत्काल प्रदान की गई। शेष 5.75 लाख रुपये की मुआवजा राशि औपचारिकताएं पूरी करने के बाद प्रदान की जाएगी।
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इन जिलों में मानव-हाथी संघर्ष ज्यादा
वन विभाग के अनुसार हाथियों के टोले क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से घूम रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे वन क्षेत्र में जाते वक्त सतर्क रहें। छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्से में मानव-हाथी संघर्ष पिछले एक दशक से चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में धमतरी सहित मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में यह खतरा बढ़ गया है। राज्य के सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद, बलरामपुर और कांकेर जिले इस तरह के खतरे का सामना कर रहे हैं।
तीन साल में 204 मौतें, 45 हाथी मृत
वन विभाग ने कहा है कि पिछले तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में हाथियों के हमले में कम से कम 204 लोग मारे गए हैं, जबकि 45 जंबो मारे गए हैं।