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Chhattisgarh: यहां नंदी महाराज के कानों में भक्त लगाते हैं फरियाद, भगवान हटकेश्वरनाथ पूरी करते हैं मूरादें

Mon, 10 Jul 2023 03:25 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Mon, 10 Jul 2023 03:25 PM IST
सार

सावन के पहले सोमवार यानी 10 जुलाई को रायपुर के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। सुबह 5 बजे से ही लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। राजधानी के पूरे शिवालय हर-हर महादेव की जयघोष से गूंज रहे हैं।

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Chhattisgarh:Lord Hatkeshwarnath mahadev fulfills wishes in raipur mahadevghat
हटकेश्वरनाथ भगवान, महादेवघाट - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सावन के पहले सोमवार यानी 10 जुलाई को रायपुर के शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। सुबह 5 बजे से ही लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। राजधानी के पूरे शिवालय हर-हर महादेव की जयघोष से गूंज रहे हैं। रायपुर के महादेवघाट स्थित हटकेश्वरनाथ मंदिर में सावन के पहले दिन भारी संख्या में शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान भगवान हटकेश्वरनाथ महादेव की मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।

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हरिद्वार के लक्ष्मण झूला की तर्ज पर यहां बने लक्ष्मण झूला और खारून नदी में नाव की सवारी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पास में बने गॉर्डन यहां की खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं। रायपुर सहित अन्य जिलों के सैलानी यहां बड़ी संख्या पहुंचकर इसका आनंद लेते हैं। शहर की जीवनदायिनी नदी 'खारुन' तट पर स्थित ऐतिहासिक हटकेश्वरनाथ मंदिर का विशेष महत्व है।
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कल्चुरी वंश ने कराया था मंदिर का निर्माण
1402 ई में कल्चुरी वंश के राजा रामचंद्र के पुत्र ब्रह्मदेव राय के शासन काल में हाजीराज नाइक ने मंदिर का निर्माण करवाया था। ऐसी मान्यता है कि यहां नंदी महाराज के कानों में जो भक्त फरियाद या मन्नत मांगते हैं, उसकी भगवान शिव मुरादें जरूर पूरी करते हैं। सावन के महीने में यहां रायपुर और प्रदेश के कोने-कोने से लोग पहुंचते हैं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों से श्रद्धालु कांवर लेकर पहुंचते हैं। हर साल कांवर पदयात्रा भी निकाली जाती है। 
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ये है धार्मिक मान्यता
धार्मिक मान्यताओं और पुराणों के अनुसार, जहां भगवान श्रीराम लंका पर चढ़ाई के लिए रामेश्वरम में समुंद्र पर पुल बनाने की योजना बनाई तो उस समय बजरंग बली को शिवलिंग लाने के लिए कहा गया था। इस पर बजरंग बली शिवलिंग लाने गए। इस दौरान शिवलिंग लाने में काफी देर हुई, तो भगवान राम ने रामेश्वरम में रेत से ही विधि-विधान से पूजा अर्चना कर शिवलिंग की स्थापना कर दी थी। बजरंग बली को किसी नदी के किनारे उस शिवलिंग को रखने के लिए कहा गया। कहा जाता है कि भगवान हनुमान ने रायपुर में खारून नदी के तट पर शिवलिंग रखकर चले गए, जो कालांतर में हटकेश्वर नाथ, महादेव घाट के  नाम से विख्यात हुआ। 




मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी श्रावण मास की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भगवान शिव की आराधना के पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार के शुभारंभ पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। बघेल ने कहा है कि सावन मास के प्रारंभ के साथ ही शिव जी की विशेष आराधना शुरू हो जाती है। श्रद्धालु पूरे भक्तिभाव से सावन सोमवार को शिवजी का व्रत रखते हैं। इस दौरान शिवालयों में भक्तों की भीड़ होती है, कांवर निकलते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव जी की कृपा सदा सभी पर बनी रहे।

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