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छत्तीसगढ़: गरियाबंद में खूंखार हथिनी का मिला शव, कुछ दिन पहले पांच लोगों की ले ली थी जान
Wed, 20 Apr 2022 01:42 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, गरियाबंद
पीटीआई, गरियाबंद
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 20 Apr 2022 01:42 PM IST
सार
धमतरी वन संभाग में नौ अप्रैल से 11 अप्रैल के बीच इस हथिनी ने पांच लोगों को कुचलकर मार डाला था।
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मृत हथिनी(सांकेतिक)
- फोटो : ANI
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में खूंखार हथिनी का शव मिला है। इस हथिनी ने कुछ दिन पहले पांच लोगों की जान ले ली थी। गरियाबंद के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) मयंक अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को धवलपुर वन क्षेत्र में सिकसेर बांध के डूब क्षेत्र में करीब 35 साल की उम्र की हथिनी का शव पाया गया। उन्होंने बताया कि डॉक्टर राकेश वर्मा समेत पशु चिकित्सकों की एक टीम मौके पर भेजी गई है।
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शव की प्रारंभिक जांच में मुख गुहा में तीव्र सूजन पाई गई, जिसके कारण पशु को भोजन करते समय आमतौर पर समस्या का सामना करना पड़ता है और वह कमजोर हो जाता है। मूत्र क्षेत्र में भी संक्रमण था, अग्रवाल ने कहा कि मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए एक शव परीक्षण किया जाएगा। अधिकारी ने कहा कि हाथी सिकसेर इलाके में अपने झुंड से अलग होने के बाद गरियाबंद और धमतरी जिलों की सीमा पर घूम रही थी।
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नौ से 11 अप्रैल के बीच पांच लोगों की ले ली थी जान
उन्होंने बताया कि धमतरी वन संभाग में नौ अप्रैल से 11 अप्रैल के बीच इस हथिनी ने पांच लोगों को कुचलकर मार डाला था। उन्होंने कहा कि वह हाल ही में गरियाबंद के जंगलों में लौटी थीं और हाथी मित्र (स्वयंसेवकों) और वन कर्मियों द्वारा उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। राज्य में मानव-हाथी संघर्ष, विशेष रूप से उत्तरी भाग में, पिछले एक दशक से चिंता का एक प्रमुख कारण रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में यह खतरा फैल रहा है। सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद, बालोद, बलरामपुर और कांकेर जिले खतरे का सामना कर रहे हैं।
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