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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के उपाध्यक्ष घनाराम साहू भाजपा में शामिल, प्रदेश अध्यक्ष से हैं खफा
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 12 Nov 2018 05:30 PM IST
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रविवार तक छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने वाले घनाराम साहू भाजपा में शामिल हो गए हैं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की। घनाराम ने रविवार को ही कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, घनाराम साहू पार्टी से काफी नाखुश नजर आ रहे थे। उन्होंने कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। उनका आरोप है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और दुर्ग के सांसद ताम्रध्वज साहू मिलकर उनका नेतृत्व खत्म करने की कोशिश कर रहे थे। बता दें कि वह पांच साल से पार्टी के उपाध्यक्ष पद पर थे। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान उनकी उपेक्षा की जा रही है इसलिए वह पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।
घनाराम साहू 3 बार विधायक रह चुके हैं। 1972 में वो निर्दलीय विधायक बने। 1977 में कांग्रेस में शामिल हुए और 11 हजार वोटों से चुनाव जीता। 1998 में एक बार फिर वो 9 हजार वोट से चुनाव जीत कर विधायक बने। दुर्ग जिले में उनका अच्छा असर माना जाता है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष बघेल पर व्यक्तिगत रंजिश रखने और प्रताड़ना का आरोप भी लगाया है। वहीं दुर्ग से सांसद ताम्रध्वज साहू के बारे में उन्होंने कहा है कि वो ऊंचे पद पर रहते हुए भी एक महिला पूर्व विधायक का टिकट काटकर खुद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। ये महिलाओं के प्रति ओछी मानसिकता दर्शाता है।
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छत्तीसगढ़ में पहले चरण का मतदान हो चुका है। अब बाकी की 72 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा।
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राजनीतिक हलकों में इसे कांग्रेस के लिए बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, घनाराम साहू पार्टी से काफी नाखुश नजर आ रहे थे। उन्होंने कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। उनका आरोप है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल और दुर्ग के सांसद ताम्रध्वज साहू मिलकर उनका नेतृत्व खत्म करने की कोशिश कर रहे थे। बता दें कि वह पांच साल से पार्टी के उपाध्यक्ष पद पर थे। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान उनकी उपेक्षा की जा रही है इसलिए वह पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं।
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घनाराम साहू 3 बार विधायक रह चुके हैं। 1972 में वो निर्दलीय विधायक बने। 1977 में कांग्रेस में शामिल हुए और 11 हजार वोटों से चुनाव जीता। 1998 में एक बार फिर वो 9 हजार वोट से चुनाव जीत कर विधायक बने। दुर्ग जिले में उनका अच्छा असर माना जाता है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष बघेल पर व्यक्तिगत रंजिश रखने और प्रताड़ना का आरोप भी लगाया है। वहीं दुर्ग से सांसद ताम्रध्वज साहू के बारे में उन्होंने कहा है कि वो ऊंचे पद पर रहते हुए भी एक महिला पूर्व विधायक का टिकट काटकर खुद विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। ये महिलाओं के प्रति ओछी मानसिकता दर्शाता है।
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छत्तीसगढ़ में पहले चरण का मतदान हो चुका है। अब बाकी की 72 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होगा।