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छत्तीसगढ़: फर्जी व्यापमं आदेश की जांच में वसूली का आरोप, ट्रेनी एसआई निलंबित; 80 हजार लेने की शिकायत

Wed, 26 Aug 2026 01:47 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Wed, 26 Aug 2026 01:47 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ में फर्जी व्यापमं परीक्षा आदेश से जुड़े मामले की जांच कर रहे एक प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर पर जांच के दौरान ही अवैध वसूली का आरोप लगा है।

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Trainee SI suspended for extortion in probe into fake Vyapam order; complaint of accepting 80,000 rupees
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ में फर्जी व्यापमं परीक्षा आदेश से जुड़े मामले की जांच कर रहे एक प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर पर जांच के दौरान ही अवैध वसूली का आरोप लगा है। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद रायपुर ग्रामीण एसपी स्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर महेश कुमार ओगरे को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि मामले को खत्म करने के नाम पर कोचिंग संचालक से एक लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसमें से 80 हजार रुपये लिए जाने की बात सामने आई है।
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बताया गया कि फर्जी परीक्षा आदेश मामले की विवेचना के दौरान कोचिंग संचालक से पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान उस पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया और केस को रफा-दफा करने के बदले रकम की मांग की गई। बाद में कोचिंग संचालक को पता चला कि फर्जी आदेश से जुड़े मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद उसने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया ट्रेनी SI द्वारा पुलिस की निष्पक्ष कार्यप्रणाली के अनुरूप आचरण नहीं करने और पद का कथित रूप से दुरुपयोग किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
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दरअसल, सहायक शिक्षक और व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2026 से जुड़ा एक कथित परीक्षा निर्देश सोशल मीडिया और वाट्सऐप पर वायरल हुआ था। इसमें दावा किया गया था कि यह आदेश छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल यानी व्यापमं की ओर से जारी किया गया है। बाद में व्यापमं की ओर से स्पष्ट किया गया कि ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया गया था।


मामले की शिकायत मिलने पर राखी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। व्यापमं के नियंत्रक हिमांशु अग्रवाल को 25 जनवरी को संयुक्त नियंत्रक केदार पटेल के माध्यम से फर्जी आदेश के प्रसार की जानकारी मिली थी। पूरे मामले की आगे की जांच एडिशनल एसपी चंचल तिवारी को सौंपी गई है। अब एफआईआर दर्ज होने से लेकर अब तक हुई पूरी विवेचना की समीक्षा की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि अब तक किन लोगों से पूछताछ हुई, किसकी क्या भूमिका रही और फर्जी आदेश तैयार करने व प्रसारित करने के पीछे कौन लोग शामिल थे।
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