Chhattisgarh Election Result: आखिर कहां जाकर उलझा कांग्रेस का गणित, जानें BJP के जीत की ओर जाने के पांच कारण
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के परिणाम आ गए हैं। जिसमें 54 सीटों पर भाजपा ने भगवा लहराया और 35 सीटें कांग्रेस ने अपने नाम की हैं। वहीं एक सीट पर जीजीपी का कब्जा है।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने 54 सीटें अपने नाम की हैं, जबकि 35 सीटों पर कांग्रेस विजयी हुई। वहीं एक सीट पर जीजीपी का कब्जा है। अगर कुछ चर्चित जीत हार पर नजर डालें तो डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव हार गए हैं। साथ ही भूपेश बघेल भी अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। भाजपा प्रत्याशी और पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह भी 45 हजार से अधिक वोटों से विजयी हुए।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भाजपा ने अपना घोषणा पत्र जारी करते हुए इसका नाम 'छत्तीसगढ़ के लिए मोदी की गारंटी 2023' रखा था। घोषणा पत्र में रोजगार, महंगाई समेत कई मोर्चे पर खास वादे किए थे। छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा के घोषणा पत्र पर विश्तास जताया था।
यह हैं छत्तीसगढ़ में भाजपा की जीत के पांच बड़े कारण
किसानों को बोनस का वादा
भाजपा ने चुनाव से पहले घोषणा की कि अगर उनकी सरकार बनती है तो 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी होगी। 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी जाएगी। किसानों को एक मुश्त भुगतान किया जाएगा। कांग्रेस सरकार 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान ले रही थी और 2800 रुपये का रेट दे रही थी। भाजपा का यह वादा कि किसानों को एक मुश्त में भुगतान किया जाएगा, इसका फायादा कहीं न कहीं भाजपा को होता दिखा है।
धार्मिक मुद्दों पर भाजपा का वोटरों को ले जाना
छत्तीसगढ़ में हिंदुत्व व आदिवासी क्षेत्रों में मतांतरण बड़ा मुद्दा देखने को मिला। भाजपा हिंदुत्व, मतांतरण, लव-जिहाद जैसे मुद्दों को लेकर लगातार कांग्रेस सरकार पर हमलावर रही। भाजपा को भी जनता का साथ मिलता है।
महिलाओं का पीएम मोदी पर विश्वास (महतारी योजना और बोनस)
भाजपा ने महतारी वंदन योजना से महिला मतदाताओं को साधने की कोशिश की। भाजपा ने विवाहित महिलाओं को 12 हजार रुपए सलाना देने का वादा किया। वहीं, भाजपा ने महिलाओं को 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने का भी वादा किया।
भूपेश बघेल और उनकी टीम पर भ्रष्टाचार के आरोप
भाजपा भूपेश सरकार पर कोयला परिवहन, शराब घोटाला, डीएमएफ, गोबर खरीदी और गोठान योजना में भ्रष्टाचार के आरोप लगाती आई है। महादेव बेटिंग ऐप को लेकर भी कांग्रेस को आलोचना का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस की अंतर्कलह
छत्तीसगढ़ कांग्रेस में कथित गुटबाजी और अंतर्कलह देखने को मिली। सीएम भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम टीएस सिंदेव के बीच टकराव देखने को मिलता रहा है। सीएम पद को लेकर टीएस सिंदेव के नाम को लेकर भी खूब बहस देखने को मिली। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के बीच भारी कंट्रोवर्सी की वजह से कांग्रेस को कहीं न कहीं नुकसान उठाना पड़ा।