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छत्तीसगढ़ कोयला लेवी: सुप्रीम कोर्ट ने राकेश जैन को दी नियमित जमानत
Sat, 07 Nov 2026 06:10 PM IST
अमन कोशले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 07 Nov 2026 06:10 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के 540 करोड़ रुपये के कोयला लेवी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी राकेश जैन को नियमित जमानत दे दी है। मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी का कथित सहयोगी माने जाने वाले जैन को ट्रायल कोर्ट की शर्तों पर रिहा किया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी मामले में मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के कथित सहयोगी राकेश जैन को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश दिवाली से ठीक पहले आया है। इस निर्णय को राकेश जैन के लिए एक बड़ी राहत माना जा रहा है।
मुख्य न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। पीठ ने राकेश जैन की याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश जारी किया। जैन को ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की जाने वाली शर्तों पर रिहा किया जाएगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
अवैध वसूली के आरोप
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि कोयला परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की गई थी। यह अवैध वसूली की कुल राशि लगभग 540 करोड़ रुपये बताई जाती है। राकेश जैन पर इस बड़ी राशि को खपाने में मदद करने का आरोप लगाया गया है। उन्हें 11 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी कोयला लेवी मामले की जांच के तहत हुई थी।
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सुप्रीम कोर्ट का अवलोकन और राहत
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों पर गौर किया। कोर्ट ने पाया कि राकेश जैन का नाम शुरुआती एफआईआर में दर्ज नहीं था। उन्हें बाद में 10 मार्च 2026 को दाखिल चौथे पूरक आरोपपत्र में आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि इस मामले के अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर हैं। इसके अतिरिक्त, मामले की जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। साथ ही, इस प्रकरण में आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है।
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मुख्य न्यायाधीश जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। पीठ ने राकेश जैन की याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश जारी किया। जैन को ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की जाने वाली शर्तों पर रिहा किया जाएगा। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 27 जुलाई 2026 को उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।
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अवैध वसूली के आरोप
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि कोयला परिवहन पर प्रति टन 25 रुपये की अवैध वसूली की गई थी। यह अवैध वसूली की कुल राशि लगभग 540 करोड़ रुपये बताई जाती है। राकेश जैन पर इस बड़ी राशि को खपाने में मदद करने का आरोप लगाया गया है। उन्हें 11 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी कोयला लेवी मामले की जांच के तहत हुई थी।
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सुप्रीम कोर्ट का अवलोकन और राहत
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सुनवाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों पर गौर किया। कोर्ट ने पाया कि राकेश जैन का नाम शुरुआती एफआईआर में दर्ज नहीं था। उन्हें बाद में 10 मार्च 2026 को दाखिल चौथे पूरक आरोपपत्र में आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि इस मामले के अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर हैं। इसके अतिरिक्त, मामले की जांच प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। साथ ही, इस प्रकरण में आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है।