Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   pm modi celebrates diwali in bastar with security forces naxalism top quotes

'जंगलों से मिटे, अब दिमागी नक्सल बने खतरा': बस्तर में पीएम मोदी बोले- देश का हर जवान मेरे परिवार का हिस्सा

Sun, 08 Nov 2026 12:28 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बस्तर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बस्तर Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Sun, 08 Nov 2026 12:28 PM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी के कहा कि यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों के त्याग और समर्पण को दिया।

विज्ञापन
pm modi celebrates diwali in bastar with security forces naxalism top quotes
पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के दिन छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात की। इस दौरान जवानों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद पर जीत के बाद यह पहली दिवाली है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि देश का हर जवान मेरे परिवार का हिस्सा है।
विज्ञापन


पीएम मोदी ने कहा कि 2026 की दिवाली विशेष है, क्योंकि देश नक्सलवाद के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है। उन्होंने कहा कि यह देश की पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद मे मुक्त है। उन्होंने कहा कि यह असाधरण उपब्लधि है, इसका श्रेय आपको जाता है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
विज्ञापन


पीएम मोदी ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जंगलों से हथियारबंद माओवादियों का सफाया हो चुका है, लेकिन 'दिमागी नक्सलियों' का खतरा अब भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों ने कई राजनीतिक संगठनों में घुसपैठ कर ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधानमंत्री ने कहा, "दोस्तों, इन सफलताओं के बीच हमें एक और बात ध्यान में रखनी होगी। हथियारबंद नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन 'दिमागी नक्सलियों' ने विभिन्न संगठनों पर नियंत्रण कर लिया है। वे आज भी लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने में जुटे हैं। इन विचारधारा से प्रेरित नक्सलियों ने कई राजनीतिक दलों और अलग-अलग संगठनों में घुसपैठ कर ली है। हमें उनकी पहचान करनी होगी, उन्हें परास्त करना होगा और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।"

कोबरा ऑपरेशंस बेस का किया दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करनपुर स्थित कोबरा (CoBRA) ऑपरेशंस बेस का दौरा किया। यह बेस बस्तर और अबूझमाड़ में नक्सल-विरोधी अभियानों के लिए एक प्रशिक्षण केंद्र और लॉन्च पैड के रूप में काम करता था।

प्रधानमंत्री ने कहा, ''आज, पूरे देश में और दुनिया के हर कोने में, करोड़ों भारतीय रोशनी का यह पावन पर्व मना रहे हैं। लोग अपने घरों को लौटने के लिए दूर-दूर से यात्रा कर रहे हैं। परिवारों और अपनों के एक साथ मिलकर जश्न मनाने का यह एक बहुत अच्छा अवसर है। मैं भी दिवाली मनाने के लिए आप लोगों के बीच आया हूं।''

सुरक्षा बलों के त्याग और समर्पण का जताया आभार
उन्होंने कहा, ''जो लोग सीमाओं पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करते हैं, जो देश के रक्षक हैं और भारत माता के वीर बेटे-बेटियां हैं, आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं। 140 करोड़ देशवासियों की ओर से आपके त्याग और समर्पण का आभार व्यक्त करने आया हूं।''

पीएम मोदी ने कहा, ''आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं। इस बार, मैं बस्तर के जंगलों में दिवाली मनाने आया हूं। यह वह जगह है जहां कभी नक्सलवाद का खतरा हुआ करता था। लेकिन, आपके बलिदान और समर्पण की बदौलत, अब इसी इलाके से नक्सलवाद का खतरा खत्म हो गया है और विकास की एक नई लहर शुरू हो गई है।''

जवानों को सुनाई सुरक्षा से जुड़ी संस्कृत की सूक्ति
उन्होंने कहा, "हमारे दूरदर्शी पूर्वजों ने कहा है, " अभ्यंतर भयं रक्षम्,असारंबाह्यतो भयं" अर्थात जब राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, तो बाहरी दुश्मन कुछ नहीं कर पाता है। लेकिन अगर आंतरिक सुरक्षा कम पड़ती है, तो बाहरी दुश्मन भी सर उठाने लगते हैं। इसलिए जो भूमिका सीमाओं पर हमारी सेनाओं की है, देश के भीतर वही भूमिका आप सब सुरक्षा बलों की है। आपने देश की एकता, अखंडता के लिए अनगिनत बलिदान दिए हैं। आपने असीम त्याग किया है।"

उन्होंने कहा, "देश की आंतरिक सुरक्षा में लगे सुरक्षा बल, हमारे CRPF, कोबरा, BSF, ITBP, SSB, IRB के  एक-एक जवान और राज्यों की पुलिस का एक-एक सिपाही, बस्तर फाइटर्स जैसे स्पेशल फोर्स के जवान, महिला फाइटर्स, यह देश आपकी सेवाओं के लिए आपका ऋणी है।"

'पूर्व की सरकारों ने नक्सलवाद को माना लाइलाज बीमारी' 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,  अगर आप 2004 से 2013 तक के आंकड़ों पर नजर डालेंगे, तो पाएंगे कि हर साल नक्सलियों के मारे जाने के मुकाबले हमारे बहादुर जवानों के बलिदान होने की संख्या ज्यादा थी। दुर्भाग्य से, उस समय की सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था, जिसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने इस समस्या को ऐसे ही छोड़ दिया। दुश्मनों के सामने यह सोचकर बैठ जाना कि हालात ऐसे ही चलते रहेंगे, किसी भी देश के लिए सही नहीं हो सकता।''

उन्होंने कहा, "माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं थी। नक्सलियों ने लोगों से वोट डालने का अधिकार तक छीन लिया था। एक साल में नक्सली हमलों की संख्या 2,000 तक पहुंच गई थी।" पीएम मोदी ने कहा, "2010 में पास के दंतेवाड़ा में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ के हमारे 76 जवान बलिदान हो गए थे। उसी साल दंतेवाड़ा में हुई एक अन्य घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी।"

पीएम ने कहा, "यह धरती हमारे बहादुर जवानों के खून से लाल हो गई थी। लेकिन महलों में रहने वाले उन प्रभावशाली नेताओं की ओर से दुख जताने वाली एक आवाज तक नहीं आई। उनकी आंखों से एक आंसू तक नहीं निकला। लगभग हर दिन कहीं न कहीं ऐसे हमले होते रहे। यह सिलसिला दशकों तक चलता रहा। इस दौरान अकेले छत्तीसगढ़ में 1,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी बलिदान हुए।"

'पिछले एक साल में एक भी जवान नहीं हुआ बलिदान'
प्रधानमंत्री ने कहा, ''देश को आगे ले जाने के लिए हमें मजबूत इरादों और सही रणनीति के साथ देश के दुश्मनों का सामना करना होगा और उन्हें हराना होगा। ऐसा करने के लिए देश में जिस राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, उसे 2014 में मजबूती मिली। आपने इस प्रधानसेवक को मां भारती की सेवा करने का अवसर दिया और हमने देखा कि 2014 के बाद हालात कैसे बदलने लगे।''

उन्होंने कहा, ''लंबे समय तक हमने देखा कि नक्सलियों के मुकाबले हमारे ज्यादा जवान बलिदान हो रहे थे। लेकिन 47 साल में पहली बार एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ का एक भी जवान बलिदान नहीं हुआ। यह देश की सही नीतियों और मजबूत इरादों की जीत है। यह आप सभी के शौर्य, साहस और संयम की जीत है।''

केंद्र सरकार के फैसलों से कमजोर पड़ा नक्सलवाद
पीएम मोदी ने कहा, ''किसी भी काम में सफलता पाने के लिए सही नीयत और सही नीतियां जरूरी हैं। देश की सुरक्षा के लिए हमने एक के बाद एक कई कड़े फैसले लिए। ऐसे कई कदम भी उठाए गए, जिनके बारे में आज भी लोगों को जानकारी नहीं है। इन फैसलों और प्रयासों से नक्सलियों और अलगाववादियों को मिलने वाले पैसों पर बड़ा असर पड़ा।''

उन्होंने कहा, ''नकली नोटों के नेटवर्क को खत्म किया गया। इससे न केवल उनकी आर्थिक ताकत कमजोर हुई, बल्कि हथियार और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने का रास्ता भी बंद हो गया। इसके परिणामस्वरूप नक्सलियों तक हथियारों की सप्लाई रुक गई। साथ ही, उनकी आवाजाही और नए लोगों की भर्ती पर भी रोक लग गई।''

'12 वर्षों में 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर निकले'
प्रधानमंत्री ने कहा, ''जब हम देश के लिए काम करते हैं, तो इससे देश में शांति और सुरक्षा भी सुनिश्चित होती है। पिछले 12 वर्षों में देश ने न केवल नक्सलवाद और अलगाववाद के खिलाफ लड़ाई जीती है, बल्कि गरीबी के खिलाफ भी बड़ी लड़ाई लड़ी है। इस साल दिवाली से ठीक पहले, कुछ दिन पहले विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पिछले 12 वर्षों में भारत के 50 करोड़ लोग अत्यधिक गरीबी से बाहर आए हैं।''

उन्होंने कहा, ''गरीबी हटाने के नारों के साथ दशकों में जो हासिल नहीं हो सका, वह देश ने सिर्फ 12 वर्षों में कर दिखाया है। सोचिए, यह कितनी बड़ी उपलब्धि है। दिवाली के दौरान हम रंगोली बनाते हैं। हमने भी कल्याणकारी योजनाओं की ऐसी रंगोली बनाई, जिसने लगातार गरीबों को सशक्त बनाने का काम किया।''

'माओवादी आतंकवाद की तोड़ी कमर'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''पिछली सरकारों ने जमीन पर लड़ाई लड़ रहे सुरक्षाकर्मियों के हाथ भी बांध रखे थे। नक्सली हमले करते थे, लेकिन सुरक्षा बलों को खुलकर जवाब देने की आजादी नहीं थी। हमने सुरक्षा बलों को जरूरी फैसले लेने की पूरी छूट दी। हमने सरकार और व्यवस्था के भीतर कुछ लोगों की ओर से वामपंथी उग्रवाद को मिलने वाले समर्थन को रोकने के लिए भी काम किया। हमने संवेदनशीलता के साथ काम करते हुए माओवादी आतंकवाद की कमर तोड़ दी।''


उन्होंने कहा, ''सेवा भाव के साथ हमने नक्सल प्रभावित इलाकों के लोगों की जिंदगी बदलने का काम किया। यही वजह है कि नक्सलवाद से परेशान रहे लोग भी आज सरकार और सुरक्षा बलों के साथ मजबूती से खड़े हैं। इस बड़ी लड़ाई को जीतने में अहम योगदान देने वाले कई नागरिक भी आज यहां मौजूद हैं। मैं उन सभी का आभार व्यक्त करता हूं।''
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed