छत्तीसगढ़: पेट्रोल-डीजल की कीमतें घटाने को लेकर बघेल को भाजपा समेत अपनों से भी मिल रही है चुनौती
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 2014 के पहले यूपीए सरकार में जितनी एक्साइज ड्यूटी थी, उस एक्साइज ड्यूटी के स्तर पर ले आए, हम उसका स्वागत करेंगे। ये पांच रुपये का लॉलीपॉप है, पहले 30 रुपये बढ़ा दो फिर पांच रुपये कम करो। ये नहीं चलेगा।
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छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल पर वैट कम करने को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वाणिज्यकर मंत्री टीएस सिंहदेव एक बार फिर आमने सामने आ गए हैं। सीएम बघेल जहां वैट कम करने के पक्ष में नहीं हैं, वहीं मंत्री टीएस सिंहदेव ने वैट कम करने को लेकर प्रस्ताव भेजने की बात कही है। इधर, विपक्ष में बैठी भाजपा को एक बार फिर अलग अलग बयानों पर कांग्रेस सरकार को घेरने का मौका मिल गया है।
केंद्र सरकार ने कुछ दिन पहले पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर लोगों को राहत देने के लिए एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। केंद्र के बाद भाजपा और एनडीए शासित राज्यों ने भी लोगों को राहत देने के लिए वैट की दरें घटाई हैं। एक्साइज ड्यूटी में कटौती को लेकर छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल ने केंद्र की सरकार पर हमला बोला, साथ ही छत्तीसगढ़ में फिलहाल कोई राहत नहीं देने के भी संकेत दिए हैं।
दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से जब वैट कम करने को लेकर सवाल किया गया, तब उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र को ही यूपीए सरकार के समय तक की एक्साइज ड्यूटी लाने की नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि 2014 के पहले यूपीए सरकार में जितनी एक्साइज ड्यूटी थी, उस एक्साइज ड्यूटी के स्तर पर ले आए, हम उसका स्वागत करेंगे। ये पांच रुपये का लॉलीपॉप है, पहले 30 रुपये बढ़ा दो फिर पांच रुपये कम करो। ये नहीं चलेगा।
वैट कम करने को लेकर टीएस सिंहदेव का बयान
इस मामले में छत्तीसगढ़ के वाणिज्यिक कर मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि जिस दिन केंद्र सरकार ने एक्साइज दरों में कटौती की घोषणा की थी, उसी दिन से संभावनाएं तलाशी जा रही हैं और विभाग की ओर से एक प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
सरकार की तरफ से आ रहे इन अलग-अलग बयानों को लेकर भाजपा ने छत्तीसगढ़ सरकार पर तंज कसा है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस सरकार की स्थिति अलग-अलग बैंड पर अलग-अलग रेडियो के बजने की तरह हो गई है। दो लोगों की लड़ाई में प्रदेश की जनता का नुकसान हो रहा है।