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भ्रामक विज्ञापन पर सीजीरेरा का एक्शन: बिलासपुर की ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना पर 10 लाख का जुर्माना
Fri, 20 Feb 2026 05:03 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 20 Feb 2026 05:03 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट क्षेत्र में भ्रामक प्रचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बिलासपुर जिले के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रमोटर पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने रियल एस्टेट क्षेत्र में भ्रामक प्रचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बिलासपुर जिले के बोदरी स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रमोटर पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि परियोजना का पंजीयन प्लॉटेड प्रोजेक्ट के रूप में कराया गया था, जबकि विभिन्न माध्यमों में इसे हाउसिंग परियोजना के तौर पर प्रचारित किया जा रहा था। यह पंजीकृत विवरण के विपरीत और भ्रामक पाया गया।
रेरा अधिनियम की धारा 7 के तहत यदि कोई प्रवर्तक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है या गलत जानकारी प्रस्तुत करता है, तो उसके पंजीयन के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। वहीं धारा 14 के अनुसार परियोजना का विकास और प्रचार स्वीकृत योजना, ले-आउट और पंजीयन के समय दी गई जानकारी के अनुरूप होना अनिवार्य है। उल्लंघन को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने 10 लाख रुपये का दंड अधिरोपित किया है और संबंधित हाउसिंग क्षेत्र के लिए विधिवत पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रिंट, डिजिटल और अन्य माध्यमों में प्रसारित रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापनों की लगातार निगरानी की जा रही है। पंजीकृत जानकारी से अलग या भ्रामक प्रचार पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रमोटरों को निर्देशित किया गया है कि वे विज्ञापन और प्रचार सामग्री में केवल पंजीकृत विवरण का ही उपयोग करें और रेरा अधिनियम व नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।
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रेरा अधिनियम की धारा 7 के तहत यदि कोई प्रवर्तक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता है या गलत जानकारी प्रस्तुत करता है, तो उसके पंजीयन के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है। वहीं धारा 14 के अनुसार परियोजना का विकास और प्रचार स्वीकृत योजना, ले-आउट और पंजीयन के समय दी गई जानकारी के अनुरूप होना अनिवार्य है। उल्लंघन को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने 10 लाख रुपये का दंड अधिरोपित किया है और संबंधित हाउसिंग क्षेत्र के लिए विधिवत पंजीयन कराने के निर्देश दिए हैं।
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प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रिंट, डिजिटल और अन्य माध्यमों में प्रसारित रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापनों की लगातार निगरानी की जा रही है। पंजीकृत जानकारी से अलग या भ्रामक प्रचार पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी प्रमोटरों को निर्देशित किया गया है कि वे विज्ञापन और प्रचार सामग्री में केवल पंजीकृत विवरण का ही उपयोग करें और रेरा अधिनियम व नियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।
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