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छत्तीसगढ़ में युवाओं को बेरोजगारी भत्ता: CM भूपेश का एलान- फ्री मिलेगा चावल, हर साल होगा रामायण महोत्सव

Thu, 26 Jan 2023 12:22 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Thu, 26 Jan 2023 12:22 PM IST
सार

74वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीएम भूपेश बघेल ने 26 जनवरी को जगदलपुर के लाल बाग में तिरंगा फहराकर परेड की सलामी ली। समारोह में सशस्त्र बल के जवानों ने गार्ड ऑफ आनर दिया। इस मौके पर प्रदेशवासियों को कई बड़ी सौगातें दी।

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CG Youth will get unemployment allowance CM Bhupesh announcement
लालबाग मैदान जगदलपुर में कार्यक्रम को संबोधित करते सीएम भूपेश बघेल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

74वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीएम भूपेश बघेल ने 26 जनवरी को जगदलपुर के लाल बाग में तिरंगा फहराकर परेड की सलामी ली। समारोह में सशस्त्र बल के जवानों ने गार्ड ऑफ आनर दिया । इस मौके पर प्रदेशवासियों को कई बड़ी सौगातें दी। यह घोषणाएं आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। हम बता रहे हैं सीएम की सिलसिलेवार घोषणाएं...

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घोषणा 1 - प्रदेश में आदिवासी पर्व सम्मान निधि की घोषणा

सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज की संस्कृति एवं पर्वों के संरक्षण के लिये राज्य सरकार कटिबद्ध है।  आगामी वित्तीय वर्ष से सरकार बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग और प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के पर्वों के उत्तम आयोजन के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत को 10 हजार रुपये प्रतिवर्ष प्रदान करेगी।
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घोषणा 2- युवाओं को मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

अगले वित्तीय वर्ष से बेरोजगारों को हर महीने बेरोजगारी भत्ता दिया जायेगा।

घोषणा 3- महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन के लिए शुरू होगी नई योजना
 
महिला समूहों महिला उद्यमियों, महिला व्यवसायियों एवं महिला स्टार्ट अप को व्यापार उद्योग स्थापित करने के लिए नवीन योजना शुरू की जाएगी। 

घोषणा 4- गठित होगा नवाचार आयोग

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को सहेजने और संजोने के बाद छत्तीसगढ़ को प्रगति पथ पर अनवरत आगे बढ़ाने के लिये राज्य में छत्तीसगढ़ राज्य नवाचार आयोग का गठन किया जाएगा।

घोषणा 5- राज्य में बनेगी एयरोसिटी
 
रायपुर एयरपोर्ट में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास और रोजगार सृजन के लिए स्वामी विवेकानंद विमानतल के पास एयरोसिटी विकसित की जाएगी।

घोषणा 6- राज्य में बनेगी ग्रामीण उद्योग नीति

छत्तीसगढ़ में कुटीर उद्योग आधारित ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, रोजगार और लोगों की आय बढ़ाने के लिये ग्रामीण उद्योग नीति बनाई जाएगी।



घोषणा 7- औद्योगिक इकाईयों को संपत्ति कर से मिलेगी मुक्ति
उद्योग विभाग द्वारा विकसित औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित इकाईयों को संपत्ति कर के भार से मुक्त किया जाएगा। 
घोषणा 8- जीवनदायनी खारून नदी पर बनेगा रिवर फ्रंट
रायपुर और दुर्ग जिले की जीवनदायिनी और जन आस्था का केंद्र खारून नदी व्यापार और मनोरंजन का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है। सीएम ने कहा कि खारून नदी पर उत्कृष्ट रिवर फ्रंट विकसित करने की मैं घोषणा करता हूं।

घोषणा 9- विद्युत शिकायत के निराकरण के लिए बनेगी आधुनिक ऑनलाइन निराकरण प्रणाली
बिजली बिल हाफ योजना को मिले उत्कृष्ट प्रतिसाद के बाद मैं घोषणा करता हूं कि बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अत्याधुनिक ऑनलाइन शिकायत एवं निराकरण प्रणाली विकसित की जाएगी।

घोषणा 10- निर्माण श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना होगी शुरू

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में लगातार तीन साल पंजीकृत निर्माणी श्रमिकों को स्वयं का मकान बनाने के लिए 50 हजार रूपये अनुदान देने की योजना लाई जाएगी। 

घोषणा 11- राज्य में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय रामायण / मानस महोत्सव का आयोजन

छत्तीसगढ़ की जनता की अगाध आस्था भांचा राम और माता कौशल्या में है। प्रत्येक वर्ष हम राष्ट्रीय रामायण / मानस मंडली महोत्सव आयोजित होंगे।



घोषणा 12- चंदखुरी में प्रतिवर्ष आयोजित होगा माँ कौशल्या महोत्सव 

छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है, इसलिए प्रतिवर्ष चंदखुरी में कौशल्या महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान  

मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में राशन कार्डधारियों को एक वर्ष तक निःशुल्क चावल मिलेगा

सभी जिलों में पीडीएस के माध्यम से फोर्टिफाईड चावल का होगा वितरण

मुख्यमंत्री बघेल ने जनता को संबोधित करते हुए कहा है कि हमारे संविधान में लिखी इबारतों को बहुत ही साफ मन और न्याय के अटूट इरादे से समझा जा सकता है। विरासत में हमें न्याय के लिए जो अडिग साहस मिला है, उसी को हमने अपनी सरकार का मूलमंत्र बनाया है। सबसे कमजोर तबकों को सबसे पहले और सबसे ज्यादा तवज्जो देकर न्याय दिलाना हमने अपना प्रथम कर्तव्य माना है। जिसके कारण हम बिना किसी संशय के विगत चार वर्षा  में छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा पूरी लगन से कर पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों में अप्रैल माह से समस्त राशनकार्ड धारियों को पीडीएस के माध्यम से फोर्टिफाइड चावल दिए जाने की घोषणा की। 

पट्टे की वनभूमि 5 लाख परिवारों के आजीविका का साधन बनी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमने सिर्फ चार वर्षों में वन अधिकार पत्रों के तहत दी गई भूमि को 11 लाख से बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर कर दिया। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र तथा नगरीय क्षेत्र में वन अधिकार पत्र देने की पहल प्रदेश एवं देश में पहली बार हमने की। इस तरह अनेक प्रयासों से हमने 5 लाख से अधिक परिवारों को अनिश्चितता से उबारा, रोजगार और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया है। हमने विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के लिए वन अधिकार पत्र धारियों को पात्रता दी है। 

65 वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर बहुत अफसोस होता था कि प्रकृति और वनोपज की रक्षा करने वाले लोग अपनी आमदनी के लिए अपने ही अधिकारों से वंचित थे। हमने आदिवासी भाई-बहनों को न्याय दिलाने के लिए लघु वनोपज उपार्जन के सभी पहलुओं पर काम किया, 7 से बढ़ाकर 65 वनोपजों के लिए समर्थन मूल्य देने तथा मूल्यवृद्धि के साथ उपार्जन केन्द्रों में समुचित व्यवस्था भी की। जिसके कारण अब हम देश के कुल वनोपज खरीदी का 75 प्रतिशत हिस्सा खरीद रहे हैं।

तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा
 
तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2 हजार 500 रुपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया, जिसके कारण संग्राहकों को मिलने वाली राशि 1 हजार 500 करोड़ रुपए से बढ़कर 2 हजार 521 करोड़ रुपए हो गई। इतना ही नहीं, हमने आदिवासी परिवारों को ऐसी फसलें लेने के लिए प्रेरित किया, जो बाजार में बहुत अच्छे दामों पर बिकती हैं और इस तरह हमने आदिवासी समाज के लिए उन्नत खेती का रास्ता खोलकर, उन्हें प्रगतिशील किसान की नई पहचान भी दिलाई। 



प्रदेश में 562 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित

लोहंडीगुड़ा में जमीन वापसी के साथ ही हमने पूरे प्रदेश में वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया था। अब प्रदेश में ऐसे 50 केन्द्रों में 134 प्रकार के हर्बल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनकी बिक्री ई-कॉमर्स प्लेटफार्म के साथ ही राज्य में स्थापित संजीवनी केन्द्र, सी-मार्ट आदि में हो रही है। मात्र चार वर्षों में फूड पार्कों के लिए प्रदेश के 112 विकासखंडों में भूमि का चिन्हांकन और 52 विकासखंडों में भूमि हस्तांतरण हो चुका है। प्रदेश में 562 खाद्य-प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं।

कोदो, कुटकी, रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु धान्य या मिलेट्स की ज्यादातर खेती वन अंचलों में की जाती है लेकिन उचित दाम व विपणन सुविधाओं के अभाव में इसका लाभ आदिवासी तथा ग्रामीण जनता को नहीं मिल पाता था। हमने मिलेट्स के साथ इसकी खेती करने वाले किसानों को भी मान दिलाया है। कोदो, कुटकी, रागी खरीदी के लिए समर्थन मूल्य घोषित किया, इसे ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ से भी जोड़ा गया है।  

सभी वर्ग  के विकास के लिए नए उपाय

हमने अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए नए-नए उपाय किए हैं। ‘आदर्श छात्रावास योजना‘, ‘एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना‘, ‘शिष्यवृत्ति योजना‘, ‘छात्र भोजन सहाय योजना‘, ‘राजीव युवा उत्थान योजना‘, ‘राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा योजना‘, ‘जवाहर विद्यार्थी उत्कर्ष योजना‘ जैसे अनेक प्रयासों में सहायता राशि, हितग्राहियों की संख्या तथा सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी किए जाने से विद्यार्थियों में नई आशा और विश्वास जागा है। 
धान खरीदी में हर वर्ष बन रहे कीर्तिमान

छत्तीसगढ़ केन्द्रीय पूल में सबसे ज्यादा चावल देने वाला राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी केन्द्रों की संख्या पहले मात्र 1899 थी, जो अब बढ़ाकर 2497 कर दी गई है। इसके अलावा बारदाने की कमी, टोकन, तौल, भुगतान जैसी समस्याओं के कारण किसानों को मंडी में बेहद अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ता था। हमने आॅनलाइन टोकन शुरू किया और ऐसे अनेक इंतजाम किए, जिससे धान खरीदी बहुत ही सम्मानजनक, शांति और व्यवस्थित तरीके से हो पाई। इस तरह सुविधाएं देने के कारण हम देश में सर्वाधिक किसानों का धान खरीदने वाले राज्य भी बने हैं। हमने संग्रहित धान को सीधे मिलिंग के लिए भेजने की नई व्यवस्था की, जिससे धान के नुकसान पर अंकुश लगा, वहीं मिलिंग क्षमता बढ़ने से हम केन्द्रीय पूल में सबसे ज्यादा चावल देने वाले राज्य बन गए हैं।

गोबर के सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व को सबने जाना

उन्होंने कहा कि इन्हीं प्रयासों के एक घटक, हमारी ‘गोधन न्याय योजना’ से न सिर्फ पशुधन विकास को नई ऊंचाई मिली है बल्कि गोबर के सांस्कृतिक महत्व के साथ ही आर्थिक महत्व को भी रेखांकित करने में बड़ी सफलता मिली है। इस योजना से प्रदेश के 3 लाख से अधिक लोगों को आय का नया जरिया मिला है और अब तक 362 करोड़ रुपए से अधिक की आय भी हुई है, जिससे हितग्राही परिवार अपने आवास, वाहन, स्वास्थ्य, जीवन स्तर उन्नयन, मांगलिक कार्य, स्थायी संपत्तियों का निर्माण, आजीविका के साधनों के विकास जैसे अनेक काम कर पा रहे हैं, जिससे हितग्राहियों के बढ़़े उत्साह और उद्यमिता से भी विकास का नया वातावरण बना है। 



किसानों और कमजोर तबको को डेढ़ लाख करोड़ की मदद
   

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों तथा अन्य जनहितकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लगभग 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए की राशि प्रदान करते हुए न्याय योजनाओं को सार्थक बनाया है तो इस राशि को हितग्राहियों के बैंक खातों में डालने की व्यवस्था भी की है। ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ की संख्या विगत चार वर्षों में 50 प्रतिशत बढ़कर 81 लाख 22 हजार हो गई है। साथ ही ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में बैंकिंग की सुविधाओं में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी की गई है। मार्च 2021 तक बैंक मित्रों की संख्या मात्र 18 हजार 323 थी, जो अब बढ़कर 35 हजार से अधिक हो गई है। बैंक शाखाओं की संख्या 22 प्रतिशत बढ़कर 573 हो गई है।

चिटफंड कम्पनियों पर सख्त कार्रवाई: निवेशकों को 25 करोड़ रूपए की राशि वापस

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की गाढ़े पसीने की कमाई को उच्चस्तरीय संरक्षण से कोई लूटकर ले जाए, इस स्थिति को हम कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते थे, इसलिए हमने सरकार में आते ही ‘चिटफंड कंपनियों’ के खिलाफ मोर्चा खोला। छत्तीसगढ़ में विगत चार वर्षों में 207 चिटफंड कम्पनियों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर, 650 से अधिक संचालकों और उनके पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। 

किसानों को इनपुट सब्सिडी के लिए 16442 करोड़ रुपए की मदद

मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित तौर पर धान के किसानों की खुशहाली से छत्तीसगढ़ महतारी के चेहरे पर भी मुस्कुराहट आई है लेकिन हमने धान के साथ हर तरह की फसल लेने वाले किसानों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ लागू की। इसके अंतर्गत तीन वर्षों में 16 हजार 442 करोड़ रुपए की आदान सहायता दी गई है।

ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूरों को न्यूनतम आर्थिक मदद

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिहीन मजदूरों को न्याय कैसे दिलाया जाए, इस संबंध में प्रदेश तो क्या देश में कोई सोच नहीं थी। हमने ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ लागू कर 4 लाख 66 हजार से अधिक लोगों को वर्ष में सुनिश्चित न्यूनतम आर्थिक मदद देने का सपना साकार किया है। उन्होंने कहा कि हमने विगत चार वर्षों में विभिन्न तरह के काम करने वाले श्रमिकों को सीधे लाभ पहुंचाने वाली अनेक योजनाएं शुरू की और उनमें लाभ का दायरा भी बढ़ाया है।
 
2 लाख 65 हजार बच्चे कुपोषण से मुक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की धरती में भूख और कुपोषण का कुचक्र को तोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’ चलाया। जिसके कारण चिन्हांकित 4 लाख 34 हजार बच्चों में से 2 लाख 65 हजार बच्चों को कुपोषण से तथा एक लाख 50 हजार महिलाओं को एनीमिया से मुक्त किया गया है। इसके अलावा हमने गर्भस्थ शिशुओं से लेकर सुरक्षित प्रसव, माताओं और शिशुओं के स्वस्थ विकास के विभिन्न पहलुओं पर समुचित ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे विभिन्न प्रयासों से मातृत्व मृत्यु दर 159 से घटकर 137 हो गई है। 

अप्रैल 2023 से सभी जिलों में फोर्टिफाईड चावल का होगा वितरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी अप्रैल 2023 से सभी जिलों में पीडीएस के राशनकार्डधारियों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण प्रारंभ किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 64 लाख अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को अप्रैल 2022 से दिसम्बर 2022 तक निर्धारित मासिक पात्रता एवं अतिरिक्त पात्रता का चावल निःशुल्क दिया जा रहा था, जिसे जनवरी 2023 से दिसम्बर 2023 तक बढ़ा दिया गया है। 

सार्वभौम पीडीएस: शत-प्रतिशत खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य पूरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ‘सार्वभौम पीडीएस’ के तहत 2 करोड़ 61 लाख हितग्राहियों को अर्थात् शत-प्रतिशत खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य पूरा कर लिया है। राशनकार्डधारी अपनी सुविधा से छत्तीसगढ़ अथवा देश के किसी भी राज्य की उचित मूल्य दुकान से राशन सामग्री प्राप्त कर सके, इसके लिए ‘वन नेशन वन राशनकार्ड योजना’ पर अमल किया जा रहा है। 13 हजार 518 उचित मूल्य दुकानों में से 13 हजार 451 उचित मूल्य दुकानों में ‘ई-पाॅस मशीन’ स्थापित करके आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है।


चार साल में 6 नए जिले, 19 अनुविभाग और 83 तहसीलों का गठन
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शासन-प्रशासन की सेवाएं आम जनता तक पहुंचाने के लिए जो घोषणाएं की थीं, उन सबको पूरा कर दिया है। विगत चार वर्षों में 6 नए जिले, 19 अनुविभाग और 83 तहसीलों का गठन किया है।

आगामी सत्र से 422 स्वामी आत्मानंद स्कूल होंगे प्रारंभ

हमने शिक्षा के माध्यम से राज्य की नई पीढ़ी को सक्षम बनाने की दिशा में भी क्रांतिकारी उपाय किए हैं। पहली कक्षा की पढ़ाई मातृभाषा से शुरू करने के लिए राज्यव्यापी भाषाई सर्वे करने वाले हम पहले राज्य हैं। बस्तर के गांव-गांव में कहानी-उत्सव के माध्यम से मातृभाषा में शिक्षा देने के अभियान को गति दी गई है। सरकारी शालाओं के बच्चों का आत्म-बल बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को संवारने हेतु पब्लिक स्कूलों से बेहतर अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी  माध्यम’ की 247 शालाओं और हिन्दी माध्यम की 32 शालाओं का संचालन किया जा रहा है, जिनमें 2 लाख 15 हजार बच्चों को प्रवेश मिला है। आगामी सत्र से 422 नई शालाओं को उत्कृष्टता के इस अभियान में शामिल करने की तैयारी की जा रही है। 

शैक्षणिक उन्नयन के लिए सुघ्घर पढ़वैया’ योजना
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सुघ्घर पढ़वैया’ योजना भी शुरू की गई है, जिसमें विद्यालयों को ही शैक्षिक उन्नयन में भागीदार बनाकर पुरस्कारों की घोषणा की गई है। अल्प समय में ही 22 हजार से अधिक अर्थात् 51 प्रतिशत विद्यालयों ने इस योजना में शामिल होने की अनुमति देकर बड़े सुधार की दिशा में कदम उठा लिया है। मैं अपील करता हूं कि सभी विद्यालय अपनी सहमति प्रदान करें। लंबे समय से जिन शासकीय शाला भवनों की मरम्मत अथवा जीर्णोद्धार नहीं किया जा सका था, इसके लिए हमने 780 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, ताकि तत्काल यह कार्य हो सके।

उत्कृष्ट महाविद्यालय होंगे प्रारंभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा को हमने युवाओं के अनुशासन, संस्कार और उनके रोजगार की क्षमता बढ़ाने के नजरिए से देखा और समुचित कदम उठाए हैं। आवश्यकता के अनुरूप हमने सह-शिक्षा और बालिकाओं के लिए विशेष महाविद्यालय शुरू किए तथा सीटों में भी बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की। मुझे यह कहते हुए खुशी है कि महाविद्यालयों में सकल नामांकन अनुपात पांच गुना बढ़ गया है। वहीं छात्राओं की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। इस तरह उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों का आगे बढ़ना एक बड़ी उपलब्धि है। मैं बेटियों को उनके उत्साह, जागरुकता और आगे बढ़ने की दृढ़ इच्छा-शक्ति के लिए सलाम करता हूं। ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों’ की तर्ज पर महाविद्यालय खोलने का निर्णय भी लिया गया है, जो उच्च शिक्षा के उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में नए प्रतिमान बनेंगे।

छत्तीसगढ़िया ओलम्पिक: खेलों के साथ-साथ आपसी सद्भाव
‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ के माध्यम से पारंपरिक ग्रामीण खेलों के प्रति चेतना जगाने और आपसी सद्भाव को मजबूत बनाने में हमें अपार सफलता मिली है। इससे बने वातावरण से प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के अभियान को गति मिलेगी तथा इसका लाभ युवाओं को खेलकूद में भी बड़ी सफलताओं के रूप में मिलेगा।  

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