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'माओवादीमुक्त जिले में इस बार मनेगी खुशियों की दिवाली': जहां था आतंक का गढ़ अब बस्तर ओलंपिक में दिखा रहे जलवा
Sat, 18 Oct 2025 09:00 AM IST
ललित कुमार सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
Published by: ललित कुमार सिंह
Updated Sat, 18 Oct 2025 09:00 AM IST
सार
CG Naxalites surrender News: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर में 210 नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने पर हर्ष जताया है।
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पीएम नरेंद्र मोदी: (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
CG Naxalites surrender News: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर में 210 नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने पर हर्ष जताया है। पीएम मोदी ने कहा कि बस्तर कभी माओवादी आतंक का गढ़ हुआ करता था, लेकिन उसी बस्तर में आज लाखों नौजवान बस्तर ओलंपिक में आकर खेल के मैदान में अपनी ताकत दिखा रहे हैं। ऐसे में इस बार माओवादीमुक्त क्षेत्र में दिवाली की रौनक कुछ और होने जा रही है।
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बता दें कि छत्तीसगढ़ में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। पहली बार नक्सल विरोधी मुहिम को बड़ी सफलता मिली है। शासन की नक्सल पुनर्वास नीति और नियदनेल्लानार योजना के बेहतर क्रियान्वयन के फलस्वरुप 17 अक्तूबर को बस्तर संभाग कैडर के 210 नक्सली हिंसा का रास्ता त्यागकर मुख्यधारा में लौट आये। सीएम विष्णुदेव साय और प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के सामने दंडकारण्य क्षेत्र के 210 माओवादी कैडर ने हिंसा का रास्ता त्यागकर मुख्यधारा में लौट आये। ‘पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के तहत इन्हें मुख्यधारा में शामिल कराया गया। यह देश का सबसे बड़ा माओवादी आत्मसमर्पण है। यह पहली बार है जब नक्सल विरोधी अभियान के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में वरिष्ठ माओवादी कैडरों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है।
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153 अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर
आत्मसमर्पण करने वालों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार डीकेएसजेडसी सदस्य, 21 डिविजनल कमेटी सदस्य सहित अनेक वरिष्ठ माओवादी नेता शामिल हैं। इन कैडरों ने कुल 153 अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर किया है। इन हथियारों में AK-47, SLR, INSAS रायफल और LMG शामिल हैं। यह केवल हथियारों का समर्पण नहीं, बल्कि हिंसा और भय के युग का प्रतीकात्मक अंत है। एक ऐसी घोषणा, जो बस्तर में शांति और भरोसे के युग की शुरुआत का संकेत देती है।
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मुख्यधारा में लौटे ये प्रमुख माओवादी
मुख्यधारा में लौटने वाले शीर्ष माओवादी कैडर नेताओं में सीसीएम रूपेश उर्फ सतीश, डीकेएसजेडसी सदस्य भास्कर उर्फ राजमन मांडवी, रनीता, राजू सलाम, धन्नू वेत्ती उर्फ संतू, आरसीएम रतन एलम सहित कई वांछित और इनामी कैडर शामिल हैं। इन सभी ने संविधान पर आस्था व्यक्त करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प लिया। यह ऐतिहासिक आयोजन जगदलपुर पुलिस लाइन परिसर में हुआ, जहां आत्मसमर्पित कैडरों का स्वागत पारंपरिक मांझी-चालकी विधि से किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और शांति, प्रेम एवं नए जीवन का प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया।