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CG News: द्वीप्ति योजना से जगी उम्मीद, ग्रामीण महिलाओं के सपनों को लगे पंख, बन रहीं सौर ऊर्जा उद्यमी
Sun, 26 Jul 2026 07:00 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Sun, 26 Jul 2026 07:00 AM IST
सार
Deepti scheme in CG: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा पर फोकस किया जा रहा है। गांव की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिये राज्य सरकार ने एक अनूठी पहल है। महिला स्व-सहायता समूहों को सौर ऊर्जा क्षेत्र में विक्रेता, तकनीशियन, उद्यमी और सेवा प्रदाता के रूप में तैयार किया जा रहा है।
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योजना की लाभार्थी महिलायें
- फोटो : Amar ujala digital
विस्तार
Deepti scheme in CG: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा पर फोकस किया जा रहा है। गांव की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिये राज्य सरकार ने एक अनूठी पहल है। द्वीप्ति योजना यानी डिसेंट्रलाइज्ड वूमेन एम्पावरमेंट ऑन एनर्जी एंड पॉलिसी फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव इन्क्लूजन के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों को केवल लाभार्थी नहीं बनाया जा रहा है, बल्कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में विक्रेता, तकनीशियन, उद्यमी और सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित कर उन्हें रोजगार दिये जा रहे हैं।
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पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तकनीकी सहयोगी संस्था ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के साथ मिलकर ग्रीन इकोनॉमी ट्रांजिशन मिशन के तहत इस नीति को विकसित किया है।
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महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति में छत्तीसगढ पहला राज्य
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसने महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति को अपनाया है। योजना के तहत अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित करने, 50,000 हरित रोजगार सृजित करने और राज्य के पांच लाख परिवारों और 10,000 संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच सुनिश्चित करने का टारगेट रखा गया है।
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प्रशिक्षित 'सोलर दीदी' हो रही है तैयार
योजना के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) और जिला प्रशासनों के सहयोग से 12 जिलों के 13 संकुल स्तरीय संघो (सीएलएफ) को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अधिकृत विक्रेता के रूप में पंजीकृत किया गया है। महिलाओं को सौर संयंत्रों की स्थापना, संचालन, रखरखाव और जनजागरूकता का प्रशिक्षण देकर स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित 'सोलर दीदी' तैयार की जा रही हैं, जो अपने ही क्षेत्रों में तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा सकेंगी।
कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर
सौर ऊर्जा प्रणाली को अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाने के लिए स्व-सहायता समूहों से जुड़े परिवारों को आसान किश्तों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। यह वित्तीय मॉडल जहां स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देता है, वहीं महिला संचालित उद्यमों को टिकाऊ व्यवसाय विकसित करने का अवसर भी प्रदान करता है। यह पहल प्रधानमंत्री के 'लखपति दीदी' विजन के अनुरूप महिलाओं के लिए कौशल आधारित आजीविका के नए अवसर तैयार कर रही है।
कबीरधाम में नीति से धरातल तक पहुंची पहल
द्वीप्ति योजना का प्रभाव अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। कबीरधाम इस पहल को सफलतापूर्वक लागू करने वाले शुरुआती जिलों में शामिल है। सीएसपीडीसीएल- आरएपीएम, रायपुर के सहयोग से जिला पंचायत कबीरधाम (बिहान) ने वंदे मातरम् क्लस्टर लेवल फेडरेशन, कवर्धा को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया। टाटा के तकनीकी सहयोग से बिहान के स्व-सहायता समूहों की लगभग 35 महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर जिले की पहली 'सोलर दीदी' टीम तैयार की गई।
पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम में
योजना के तहत पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र कबीरधाम जिले के समनापुर गांव में स्थापित किया गया। प्रगति आजीविका ग्राम संगठन के अंतर्गत माता भवानी स्व-सहायता समूह की सदस्य अंजनी पटेल इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होने वाली महिलाओं में शामिल हैं। अंजनी पटेल ने कहा, "इस कार्य ने हमारे लिए आजीविका का नया रास्ता खोला है। हमें गर्व है कि अब स्व-सहायता समूहों की महिलाएं स्वयं सोलर सिस्टम स्थापित कर रही हैं। इससे यह विश्वास बढ़ा है कि यह अनेक ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का मजबूत माध्यम बन सकता है।"
एक नजर में द्वीप्ति योजना (फैक्ट फाइल)
- अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम होंगे स्थापित।
- 50,000 हरित रोजगार पर फोकस।
- 5 लाख परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच।
- 10,000 संस्थानों को योजना से जोड़ा जाएगा।
- 12 जिलों के 13 क्लस्टर स्तरीय महासंघ अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत।
- कबीरधाम में 35 महिलाओं को 'सोलर दीदी' के रूप में ट्रेनिंग दी गई।
- कबीरधाम जिले में रूफटॉप सोलर सिस्टम के 40 से अधिक ऑर्डर मिले।