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Raipur: 4 साल के मासूम पर कुत्ते के हमले का मामला गरमाया, महिला पर जानबूझकर हमला कराने का आरोप
Tue, 21 Jul 2026 02:35 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:35 PM IST
सार
राजधानी के गांधी नगर क्षेत्र में चार वर्षीय बच्चे पर हुए कुत्ते के हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घायल बच्चे के परिजनों ने पड़ोस में रहने वाली एक महिला पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी के गांधी नगर क्षेत्र में चार वर्षीय बच्चे पर हुए कुत्ते के हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घायल बच्चे के परिजनों ने पड़ोस में रहने वाली एक महिला पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि महिला ने अपने कुत्ते को जानबूझकर बच्चे की ओर छोड़ दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित बच्चे के पिता गोपी हरपाल के अनुसार, हमले में उनके चार वर्षीय बेटे अनिश हरपाल के दोनों कूल्हों पर गहरे जख्म आए हैं। उनका आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी उनके दोनों बच्चों को उसी इलाके के कुत्तों ने निशाना बनाया था। परिवार का कहना है कि अप्रैल 2025 में अनिश पर भी इसी तरह हमला हुआ था, जबकि उससे पहले उसके बड़े भाई तनिष्क हरपाल को भी कुत्ते ने काट लिया था।
परिजनों का आरोप है कि कई बार शिकायत और विवाद के बावजूद संबंधित महिला अपने घर के आसपास बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों को खाना खिलाती रहती हैं, जिससे इलाके में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
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मोहल्ले के कई लोगों ने भी इस मामले में परिवार के आरोपों का समर्थन किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में 10 से 12 आवारा कुत्ते अक्सर घूमते रहते हैं और अब तक कई लोगों पर हमला कर चुके हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम की टीम पहुंचने पर कुत्तों को घर के भीतर छिपा दिया जाता है, जिससे कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पाती।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना जानबूझकर कराई गई थी या यह सामान्य परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में जिले में कुत्तों के काटने के 2,384 मामले सामने आ चुके हैं। जनवरी में 455, फरवरी में 478, मार्च में 539, अप्रैल में 449 और मई में 463 लोगों को डॉग बाइट का शिकार होना पड़ा, जिससे आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण की मांग फिर तेज हो गई है।
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पीड़ित बच्चे के पिता गोपी हरपाल के अनुसार, हमले में उनके चार वर्षीय बेटे अनिश हरपाल के दोनों कूल्हों पर गहरे जख्म आए हैं। उनका आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी उनके दोनों बच्चों को उसी इलाके के कुत्तों ने निशाना बनाया था। परिवार का कहना है कि अप्रैल 2025 में अनिश पर भी इसी तरह हमला हुआ था, जबकि उससे पहले उसके बड़े भाई तनिष्क हरपाल को भी कुत्ते ने काट लिया था।
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परिजनों का आरोप है कि कई बार शिकायत और विवाद के बावजूद संबंधित महिला अपने घर के आसपास बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों को खाना खिलाती रहती हैं, जिससे इलाके में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोगों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
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मोहल्ले के कई लोगों ने भी इस मामले में परिवार के आरोपों का समर्थन किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में 10 से 12 आवारा कुत्ते अक्सर घूमते रहते हैं और अब तक कई लोगों पर हमला कर चुके हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम की टीम पहुंचने पर कुत्तों को घर के भीतर छिपा दिया जाता है, जिससे कार्रवाई प्रभावी नहीं हो पाती।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना जानबूझकर कराई गई थी या यह सामान्य परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इधर, डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में जिले में कुत्तों के काटने के 2,384 मामले सामने आ चुके हैं। जनवरी में 455, फरवरी में 478, मार्च में 539, अप्रैल में 449 और मई में 463 लोगों को डॉग बाइट का शिकार होना पड़ा, जिससे आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण की मांग फिर तेज हो गई है।