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Bilaspur: हवाई सेवा को लेकर जनहित याचिका पर हुई सुनवाई, कोर्ट ने कहा- सुविधा जरूरी लेकिन घाटे में नहीं चल सकती
Wed, 20 Nov 2024 07:11 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 20 Nov 2024 07:11 PM IST
सार
कोर्ट ने कब तक ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी इसको लेकर एक सप्ताह का समय देकर शपथ पत्र के साथ जवाब तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद रखी गई है।
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बिलासपुर हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में हवाई सेवा को लेकर लगाई गई जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की बेंच में याचिकाकर्ता के पक्ष रखने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने बिलासपुर से प्रयागराज और अन्य जगहों के रूट को बंद किए जाने की बात रखी। जिसपर मुख्य न्यायाधीश की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा एयरपोर्ट सुविधा जरूरी है,लेकिन एयरलाइंस कंपनी घाटे में नहीं चल सकती।
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इस पर याचिकाकर्ता के वकील सुदीप श्रीवास्तव ने कहा कि प्रयागराज रूट में कमी यात्रियों की नहीं बल्कि एयरक्राफ्ट की है। छत्तीसगढ़ सरकार ने केवल सरकारी एयरलाइंस से बिना टेंडर के अनुबंध किया है। बेंच ने नाइट लैंडिंग के लिए जरूरी उपकरण डीवीओआर के बारे में जानकारी का पूर्ण स्टेटस मांगा। एयरपोर्ट अथॉरिटी की तरफ से भी अधिवक्ता ने नाइट लैंडिंग में मददगार डीवीओआर के साउथ कोरिया से आयात होने में देरी के बारे में अपना पक्ष रखा।
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सुनवाई के दौरान एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के वकील ने बताया कि नाइट लैंडिंग के लिए जरूरी डीवीओआर मशीन का टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। साउथ कोरिया से उपकरण आते ही काम शुरू हो जाएगा,जिसमें समय लग सकता है। कोर्ट ने कब तक ये प्रक्रिया पूरी हो जाएगी इसको लेकर एक सप्ताह का समय देकर शपथ पत्र के साथ जवाब तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद रखी गई है।
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