{"_id":"6804cedeb458e148840bb918","slug":"case-of-death-of-former-vidhan-sabha-speaker-rajendra-shukla-fir-lodged-against-fake-doctor-and-apollo-manage-2025-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur: पूर्व विस अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल की मौत का मामला, फर्जी डॉक्टर और अपोलो प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur: पूर्व विस अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल की मौत का मामला, फर्जी डॉक्टर और अपोलो प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Sun, 20 Apr 2025 04:09 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 20 Apr 2025 04:09 PM IST
सार
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की मौत के मामले अपोलो के फर्जी डॉक्टर और अपोलो प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव ने स्व. राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल का ऑपरेशन किया था।
विज्ञापन
एफआईआर दर्ज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल की मौत के मामले अपोलो के फर्जी डॉक्टर और अपोलो प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव ने स्व. राजेन्द्र प्रसाद शुक्ल का ऑपरेशन किया था, ऑपरेशन के 20 दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। सरकंडा थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
विज्ञापन
बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में 2006 में हुई छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पं. राजेन्द्र शुक्ल की मौत के मामले में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेंद्र जान केम के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
विज्ञापन
आरोप है कि आरोपी डॉक्टर ने फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर इलाज किया, और लापरवाही से मौत का कारण बना। स्व राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के बेटे प्रदीप शुक्ल ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
विज्ञापन
जांच में आरोपी के नाम, जन्मतिथि और पिता का नाम तक अलग-अलग पाए गए हैं। आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी पहले ही मध्यप्रदेश के दमोह से हो चुकी है।
इस मामले में अपोलो प्रबंधन को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि बिना दस्तावेज सत्यापन के अस्पताल प्रबंधन ने फर्जी डॉक्टर को भर्ती कर इलाज का मौका दिया, जिससे गंभीर लापरवाही हुई और मरीज की जान चली गई। पुलिस अब प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कर रही है।