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एकलव्य विद्यालय की घटना पर आदिवासी समाज भड़का, बोला- दोषियों के साथ सहयोग करने वालों पर भी हो कड़ी कार्रवाई

Mon, 14 Sep 2026 08:17 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: बीजापुर ब्यूरो Updated Mon, 14 Sep 2026 08:17 PM IST
सार

एकलव्य आवासीय विद्यालय में सामने आई घटना को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने कड़ी नाराजगी जताई है। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी ने कहा कि केवल अधिकारियों को नोटिस और कर्मचारियों के निलंबन तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए।

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The tribal community has expressed strong resentment over the incident at the Eklavya Vidyalaya.
अशोक कुमार तलाण्डी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीजापुर के रुद्रारम स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय में सामने आई घटना को लेकर रूढ़ि जन्य परंपरागत सर्व आदिवासी समाज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। समाज के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार तलांडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर घटना की निंदा की और कहा कि आवासीय आश्रम, छात्रावास और पोटाकेबिन में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति गंभीर चिंता का विषय है।
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सिर्फ नोटिस और निलंबन पर्याप्त नहीं
तलांडी ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देना और निचले स्तर के कर्मचारियों को निलंबित करना ही पर्याप्त कार्रवाई नहीं है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें। उनके अनुसार, विभिन्न माध्यमों से सामने आई जानकारी में यह बात कही जा रही है कि कथित घटना पिछले दो-तीन वर्षों से चल रही थी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि छात्राओं की ओर से पहले ही शिकायत या जानकारी दी गई थी, तो समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
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स्कूल प्रबंधन की भूमिका की जांच की मांग
आदिवासी समाज ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और सूक्ष्म जांच कराई जाए। जांच में स्कूल प्रबंधन की भूमिका, कथित लापरवाही और शिकायतों पर की गई कार्रवाई को भी शामिल किया जाए। तलांडी ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कठोर एवं दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही किसी भी अनुचित कृत्य में सहयोग करने या उसे छिपाने में भूमिका निभाने वालों की भी जांच की जानी चाहिए।
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बालिका छात्रावासों में महिला स्टाफ बढ़ाने की मांग
तलांडी ने कहा कि एकलव्य आवासीय विद्यालय आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित किए जाते हैं। ऐसे संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बालिका आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में अधिक से अधिक महिला कर्मचारियों की पदस्थापना करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे छात्राओं को अपनी समस्याएं सहजता से साझा करने का सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।


स्कूल-छात्रावासों में नियमित निरीक्षण की मांग
आदिवासी समाज ने जिला प्रशासन से सभी स्कूलों, आश्रमों और छात्रावासों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग भी की है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की गई है। समाज का कहना है कि आवासीय शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और उनके लिए भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन और प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

 

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