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30 साल से ज्यादा सेवा: नवाचार से सरकारी स्कूल को दी नई पहचान,अब सीएम शिक्षा गौरव से सम्मानित होंगे शिक्षक अहमद

Sat, 05 Sep 2026 12:56 PM IST
बीजापुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर Published by: बीजापुर ब्यूरो Updated Sat, 05 Sep 2026 12:56 PM IST
सार

सीमित संसाधनों के बीच सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने और बच्चों को सीखने के नए अवसर देने की दिशा में काम करने वाले शिक्षक मकबूल अहमद ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में अलग पहचान बनाई है।

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Teacher Maqbool, who has carved a distinct identity for his government school through over 30 years of service
शिक्षक मकबूल अहमद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीमित संसाधनों के बीच सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने और बच्चों को सीखने के नए अवसर देने की दिशा में काम करने वाले शिक्षक मकबूल अहमद ने अपने तीन दशक से अधिक लंबे सेवाकाल में अलग पहचान बनाई है। वर्ष 1993 में सहायक शिक्षक के रूप में शुरू हुआ उनका सफर आज भी उसी उत्साह के साथ जारी है। बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नवाचारों और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने के अवसर देना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा है।
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मकबूल अहमद वर्तमान में माध्यमिक शाला मोदकपल्ली, विकासखंड भोपालपटनम में प्रधानाध्यापक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। स्कूल में करीब 36 बच्चे अध्ययनरत हैं। उनकी सक्रियता से यहां शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ साफ-सफाई, अनुशासन और बच्चों की प्रतिभा को निखारने वाले प्रयासों को भी बढ़ावा मिला है। उनके कार्यों के चलते स्कूल को ब्लॉक स्तर पर अलग पहचान मिली है।
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1993 से शुरू हुआ शिक्षा सेवा का सफर
मकबूल अहमद की पहली नियुक्ति वर्ष 1993 में भैरमगढ़ विकासखंड में सहायक शिक्षक के रूप में हुई थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 1995 से 2010 तक प्राथमिक शाला रूद्रारम में सेवाएं दीं। इस दौरान शिक्षकीय दायित्व के साथ उन्होंने अतिरिक्त सीएसी की जिम्मेदारी भी संभाली।
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वर्ष 2010 से 2012 तक उन्होंने साक्षर भारत मिशन में ब्लॉक परियोजना अधिकारी के रूप में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद दोबारा स्कूल शिक्षा से जुड़कर विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में सेवाएं दीं। उन्होंने रूद्रारम एकलव्य विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2025 में उनका पदस्थापन माध्यमिक शाला मोदकपल्ली में प्रधानाध्यापक के रूप में हुआ। यहां उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ बच्चों के सीखने के तरीकों में भी नए प्रयोगों को बढ़ावा दिया।

नवाचारों से स्कूल को मिली नई पहचान
मकबूल अहमद का मानना है कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए स्कूल का वातावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ वे स्कूल की साफ-सफाई, अनुशासन और समय की पाबंदी पर विशेष ध्यान देते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि बच्चे ऐसे माहौल में पढ़ें, जहां उन्हें किताबों के साथ अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाने का अवसर भी मिले। विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों और नवाचारों के माध्यम से वे विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बढ़ाने का प्रयास करते हैं। उनके कार्यकाल में माध्यमिक शाला मोदकपल्ली को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में जिला स्तर पर पहचान मिली। बच्चों की दक्षता से जुड़ी गतिविधियों में भी विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। स्कूल के तीन बच्चों का दक्ष कार्यक्रम में चयन भी हुआ।

मकबूल अहमद की पहचान केवल एक शिक्षक या प्रधानाध्यापक के रूप में नहीं, बल्कि स्कूल की व्यवस्था को बेहतर बनाने वाले शिक्षक के रूप में भी बनी है। वे विद्यालय को अपने घर की तरह व्यवस्थित और स्वच्छ रखने पर जोर देते हैं। उनका प्रयास रहता है कि शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचें और बच्चों को भी अनुशासन के साथ पढ़ाई के लिए प्रेरित किया जाए। शैक्षणिक गतिविधियों के साथ स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी सक्रियता का असर बच्चों और शिक्षकों की कार्यशैली में भी दिखाई देता है।

मकबूल अहमद शिक्षा के अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी रहती है। क्षेत्र के सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भी वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। लोगों के साथ सहज व्यवहार और सामाजिक आयोजनों में सहभागिता के कारण क्षेत्र में उनकी पहचान एक मिलनसार और सक्रिय व्यक्तित्व के रूप में भी बनी है।

शिक्षा विभाग में तीन दशक से अधिक समय तक सेवाएं देने के बाद मकबूल अहमद मई 2027 में सेवानिवृत्त होंगे। सेवानिवृत्ति में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, लेकिन बच्चों को पढ़ाने और स्कूल को बेहतर बनाने का उनका उत्साह आज भी बरकरार है। वर्तमान में वे मोदकपल्ली के 36 बच्चों की शिक्षा के साथ विद्यालय की शैक्षणिक और अन्य गतिविधियों को बेहतर बनाने में लगातार जुटे हुए हैं।


लंबे सेवाकाल, बेहतर कार्यशैली और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के लिए शिक्षक दिवस के अवसर पर मकबूल अहमद को मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। बीजापुर जिले से माध्यमिक शाला के प्रधानाध्यापक श्रेणी में उनका चयन हुआ है। जगदलपुर में आयोजित समारोह में उन्हें सम्मानित किया जाएगा। तीन दशक से अधिक की सेवा के बाद मिलने वाला यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ उन तमाम सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बीच बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में जुटे हैं।
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