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Bijapur: उसूर एरिया कमेटी के मिलिशिया और सीएनएम सदस्य ने किया सरेंडर, प्रताड़ना से तंग आकर लिया फैसला
Sat, 09 Sep 2023 10:59 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
अमर उजाला नेटवर्क, बीजापुर
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 09 Sep 2023 10:59 PM IST
सार
छ्त्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर दो माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
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माओवादियों ने किया सरेंडर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छ्त्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर दो माओवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उसूर एरिया कमेटी अन्तर्गत गलगम आरपीसी मिलिशिया सदस्य मंगू नुप्पो और गलगम सीएनएम सदस्य हड़मा नुप्पो ने शनिवार को बीजापुर पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारियों की मौजूदगी में सरेंडर कर दिया है।
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गलगम आरपीसी मिलिशिया सदस्य मंगू नुप्पो पिता जोगा नुप्पो उम्र 26 वर्ष जाति मुरिया निवासी गलगम वेंगुपारा थाना उसूर जिला बीजापुर और गलगम सीएनएम सदस्य हड़मा नुप्पो पिता कोसा नुप्पो उम्र 22 वर्ष निवासी वेंगुपारा थाना उसूर ने माओवादियो की खोखली विचारधारा, भेदभाव पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा और प्रताड़ना से तंग आकर नक्सवाद के रास्ते को छोड़ दिया।
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साल 2009 में गलगम आरपीसी में बाल संघम सदस्य के पद पर संगठन में शामिल हुआ। साल 2011 में गलगम मिलिशिया सदस्य का कार्य दिया गया। माओवादियों के लिए चावल दाल एकत्रित करना, स्त्री/पेट्रोलिंग, पुलिस बल की रेकी करना, मीटिंग के लिये ग्रामीणों को एकत्रित करने का कार्य करता था। उसके विरूद्ध थाना उसूर में एक स्थाई वारंट लंबित है।
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सरेंडर करने वाले माओवादी वर्ष 2019 में उसूर-गलगम मार्ग पर गडढा खोदकर मार्ग अवरूद्ध करने की घटना में शामिल थे। संगठन में कार्यो की उपेक्षा करने और भेदभाव पूर्ण व्यवहार से त्रस्त होकर दोनों ने छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण नीतियों से प्रभावित होकर सरेंडर कर दिया। माओवादी द्वारा आत्मसमर्पण करने पर इन्हें उत्साहवर्धन हेतु शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 25000 -25000 रुपये (पच्चीस हजार रूपये) नगद प्रोत्साहन राशि दी गई है।