Bijapur: छात्रा के बच्चे को जन्म देने का मामला, कांग्रेस का आरोप- भाजपा सरकार में आदिवासी महिलायें असुरक्षित
जाँच समिति की संयोजक व बालोद की विधायक संगीता सिन्हा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पीड़ित छात्रा और स्कूल की अधीक्षक के बयान विपरीत है प्रशासन घटना में कुछ छिपा रहा है।
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बीजापुर जिले के गंगालूर शासकीय हाई स्कूल आवासीय छात्रावास (पोटा केबिन) अंतर्गत कक्षा-12 वीं में अध्ययनरत छात्रा की गर्भवती होने व नवजात बच्चे को जन्म देने की घटना को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने बालोद की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा के नेतृत्व में आठ सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। पीसीसी द्वारा गठित समिति में बलौद की विधायक संगीता सिन्हा के अलावा, अंबिका मरकाम विधायक सिहावा, सावित्री मंडावी विधायक भानुप्रतापपुर, सुभद्रा सलाम अध्यक्ष ज़िला कांग्रेस कमेटी कांकेर, श्यामबती नेताम अध्यक्ष जि.पं. नारायणपुर, तुलिका कर्मा अध्यक्ष- जि.पं. दंतेवाड़ा, नीना रावतिया उद्दे सदस्य जि. पं. बीजापुर एवं बोधि ताती अध्यक्ष जनपद पंचायत बीजापुर आदि शामिल थे।
जांच दल गंगालूर से वापस बीजापुर आई और प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा कि भाजपा की साय सरकार में आदिवासी महिलायें, आदिवासी बच्चियाँ असुरक्षित है गंगालूर स्कूल की घटना पूरे शिक्षा प्रणाली को शर्मसार करने वाली घटना है जिसकी उच्च स्तरीय जाँच हो और जो भी दोषी है उस पर कार्यवाही हो लेकिन घटना के इतने दिनों बाद भी प्रदेश की भाजपा सरकार और ज़िला प्रशासन का इस घटना में किसी पर कार्यवाही नहीं करना निश्चित रूप से यह दर्शाता है कि प्रदेश की भाजपा सरकार और ज़िला प्रशासन आदिवासी बच्चियों को न्याय देना नहीं चाहती है।
जाँच समिति की संयोजक व बालोद की विधायक संगीता सिन्हा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पीड़ित छात्रा और स्कूल की अधीक्षक के बयान विपरीत है प्रशासन घटना में कुछ छिपा रही है इतनी बड़ी घटना की जानकारी अधीक्षिका के साथ साथ शिक्षा विभाग के किसी भी अधिकारी को पता नहीं चला इसका मतलब यह है कि प्रदेश सरकार और प्रशासन छात्रों के साथ घोर लफ़रवाही कर रही है, इस पूरे घटना की उच्च स्तरीय जाँच हो। विधायक संगीता सिन्हा ने प्रेस वार्ता में आगे कहा कि पोटाकेबिन में बच्चों को पौष्टिक भोजन नहीं मिल रहा है।