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तेंदूपत्ता पर सियासत: पूर्व मंत्री बोले-14 लाख संग्राहक, संग्रहण 10.65 लाख, बाकी कहां; कांग्रेस बोली- निराधार
Mon, 12 Jun 2023 08:10 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Mon, 12 Jun 2023 08:10 PM IST
सार
पूर्व मंत्री गागड़ा ने कहा कि, जिले में मानक से 66 फीसदी यानी 40000 मानक बोरा की कम खरीदी हुई है। आरोप लगाया कि शासन प्रशासन ने जानबूझ कर बीजापुर में तेंदूपत्ता का खरीदी कर यहां के आदिवासी संग्राहकों का 32 करोड़ का नुकसान किया है।
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मीडिया से बात करते पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
छत्तीसगढ़ में तेंदूपत्ता संग्रहरण को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा रही है। पूर्व वन मंत्री और भाजपा नेता महेश गागड़ा ने प्रदेश सरकार पर तेंदूपत्ता संग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पूर्व मंत्री गागड़ा ने कहा कि, सरकारी आंकड़ों में प्रदेश में 14 लाख संग्राहक परिवार हैं, लेकिन संग्रहरण 10 लाख 60 हजार ने ही किया। बाकी बचे करीब तीन लाख संग्राहक कहां चले गए। गागड़ा ने कहा कि आखिर सरकार आंकड़े क्यों कम कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने उनके इस आरोप को निराधार बताया है।
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भाजपा कार्यालय में बीजापुर के पूर्व विधायक महेश गागड़ा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, आदिवासी संग्राहकों का 32 करोड़ का नुकसान किया है। विधायक पर आरोप लगाया कि, वे यहां फड मुंशी बनकर पैसे बांट रहे हैं। उन्हें नुकसान के लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मानक औसत से 4 लाख तेंदूपत्ता मानक बोरा कम खरीदी हुई है। इससे तेंदूपत्ता संग्राहकों को 115 करोड़ का नुकसान हुआ हैं। वैसे ही 78 करोड़ 39 लाख का नुकसान फड मुंशियों को हुआ हैं।
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पूर्व मंत्री गागड़ा ने कहा कि, जिले में मानक से 66 फीसदी यानी 40000 मानक बोरा की कम खरीदी हुई है। आरोप लगाया कि शासन प्रशासन जानबूझ कर बीजापुर में तेंदूपत्ता का खरीदी कर यहां के आदिवासी संग्राहकों का 32 करोड़ का नुकसान किया है। वही यहां के 45 फड के मुंशियों का भी 20 लाख का नुकसान हुआ हैं। जिस तरह से तेंदूपत्ता मे लाभ होने चाहिए था वैसे नहीं हुआ। महेंद्र कर्मा बीमा योजना, छात्रवृति योजना और लॉक डाउन के समय बीमा संग्रहण होना चाहिए था।
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उन्होंने आगे कहा कि पिछली बार संग्रहण कम हुआ था और टीपी ज्यादा कटी थी। इसका मतलब तेंदूपत्ता का भुगतान नहीं मिला है। कहीं न कहीं सरकार की मिलीभगत से अतिरिक्त हरा सोना की तस्करी अधिकारी व ठेकेदार मिलकर कर रहे हैं। पूर्व मंत्री गागड़ा ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले चार सालों में औसत से 13.61 लाख तेंदूपत्ता मानक बोरा संग्राहकों से कम खरीदा गया हैं। चार सालों में प्रदेश भर के लाखों तेंदूपत्ता संग्राहकों को 746.31 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
कांग्रेस विधायक बोले- पूर्व मंत्री के पास अधूरी जानकारी
वही क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी ने पूर्व मंत्री महेश गागड़ा के आरोप को झूठा व निराधार बताते हुए कहा कि प्रदेश के पूर्व वन मंत्री जैसे पद रहे महेश गागड़ा के पास आधी अधूरी जानकारी है। पहले वे सही और पूरी जानकारी ले फिर प्रेस कांफ्रेंस करें। विधायक मांडवी ने कहा कि भाजपा सरकार में संग्राहको को 25 सौ रुपये भुगतान होता था। लेकिन कांग्रेस शासन में संग्राहको को 4000 रुपये की दर भुगतान किया जा रहा है। उनके आरोप झूठे व निराधार हैं।