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Chhattisgarh Deputy CM: अरुण साव ने ली डिप्टी सीएम पद की शपथ, जानें साव का राजनीतिक सफर
Wed, 13 Dec 2023 04:09 PM IST
श्याम जी.
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: श्याम जी.
Updated Wed, 13 Dec 2023 04:09 PM IST
सार
अरुण साव ने छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली है। वे अभी तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। साल भर पहले ही इनको यह जिम्मेदारी दी गई थी।
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डिप्टी सीएम अरुण साव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अरुण साव ने छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली है। वे अभी तक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। साल भर पहले ही इनको यह जिम्मेदारी दी गई थी। अरुण साव ने कम समय में पूरे प्रदेश का दौरा किया और कार्यकर्ताओं को मजबूत किया। विधानसभा चुनाव में इसके परिणाम देखने को मिला। वह छत्तीसगढ़ में कमल खिलाने में सफल रहे। केंद्रीय नेताओं ने भी साव के काम का सराहना की है।
अरुण साव का राजनीतिक सफर सफर देखा जाए तो वह छात्र जीवन से ही अपनी राजनीति की शुरुआत कर दी थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हुए थे। अरुण साव साल 2019 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीत कर सांसद बने थे। वहीं, इस बार लोरमी विधानसभा से टिकट दिया गया था, जहां साव ने जीत हासिल की। भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश का ओबीसी चेहरा होने की वजह से उपमुख्यमंत्री पद दिया है।
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अरुण साव मुंगेली से ग्रेजुएशन और बिलासपुर से कानून की डिग्री ली। इस दौरान वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में भी सक्रिय रहे। 1990 में एबीवीपी की मुंगेली जिला यूनिट के अध्यक्ष बने। इसके बाद एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य भी रहे। 1996 में अरुण साव ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयूमो) के साथ अपने करियर की शुरुआत की। साव छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की और राज्य के महाघिवक्ता के कार्यालय में उन्होंने काफी समय तक काम किया।
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अरुण साव का राजनीतिक सफर सफर देखा जाए तो वह छात्र जीवन से ही अपनी राजनीति की शुरुआत कर दी थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हुए थे। अरुण साव साल 2019 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीत कर सांसद बने थे। वहीं, इस बार लोरमी विधानसभा से टिकट दिया गया था, जहां साव ने जीत हासिल की। भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश का ओबीसी चेहरा होने की वजह से उपमुख्यमंत्री पद दिया है।
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अरुण साव मुंगेली से ग्रेजुएशन और बिलासपुर से कानून की डिग्री ली। इस दौरान वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में भी सक्रिय रहे। 1990 में एबीवीपी की मुंगेली जिला यूनिट के अध्यक्ष बने। इसके बाद एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य भी रहे। 1996 में अरुण साव ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयूमो) के साथ अपने करियर की शुरुआत की। साव छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की और राज्य के महाघिवक्ता के कार्यालय में उन्होंने काफी समय तक काम किया।